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Current Affairs 01 -02 May 2017

 

1) दूरसंचार विभाग द्वारा 2 मई 2017 को लाँच किए गए उस वेब-पोर्टल (web portal) का क्या नाम है जिसकी मदद से आम नागरिक अपने क्षेत्र में स्थित मोबाइल टॉवरों से निकलने वाले विकिरण (radiation) की मात्रा का पता लगा सकते हैं? – “तरंग संचार” (‘Tarang Sanchar’)

विस्तार: दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा ने 2 मई 2017 को दूरसंचार विभाग (Department of Telecom – DoT) द्वारा तैयार किए गए उस वेब पोर्टल को लाँच किया जिसकी मदद से मोबाइल उपभोक्ता अपने क्षेत्र में स्थित मोबाइल टॉवरों (mobile towers) द्वारा छोड़ी जाने वाली तरंगों में मौजूद विकिरण (radiation) की मात्रा का परा लगा सकेंगे।

 ग्राहक माउस के एक बटन की क्लिक से यह जान सकेंगे कि उनके क्षेत्र में मोबाइल टॉवरों से होने वाली विकिरण की मात्रा केन्द्र सरकार द्वारा तय इलेक्ट्रोमैग्नेटिक क्षेत्र के उत्सर्जन मानकों (electromagnetic field (EMF) emission norms) की परिधि में आता है अथवा नहीं। इसके अलावा “तरंग संचार” से मोबाइल विकिरण से सम्बन्धित तमाम मिथकों के टूटने की संभावना भी है।

 उलेखनीय है कि “तरंग संचार” वेब पोर्टल ऐसे समय में शुरू किया गया है जब सर्वोच्च न्यायालय ने कुछ दिन पूर्व ही ग्वालियर के एक 42 वर्षीय कैंसर के मरीज की मांग पर उसके इलाके में स्थित एक मोबाइल टॉवर को हटाने का निर्देश दिया था।

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2) ग्राहकों के हितों का ध्यान रखने तथा रियल एस्टेट सौदों को अधिकाधिक पारदर्शी बनाने से सम्बन्धित रियल एस्टेट (नियमन व विकास) विधेयक, 2016 को 1 मई 2017 को लागू कर दिया गया। लागू होने के दिन तक देश के कुल कितने राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों ने इस विधेयक से सम्बन्धित कानूनों की अधिसूचना जारी कर दी है? – तेरह (13)

विस्तार: बहुप्रतीक्षित रियल एस्टेट बिल हालांकि 1 मई 2017 से प्रभाव में आ गया लेकिन लागू होने के दिन तक देश के मात्र तेरह राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों ने इस कानून को प्रभाव में लाने से सम्बन्धित नियमों को लागू किया है।

 7 राज्य जिन्होंने 1 मई 2017 तक विधेयक से सम्बन्धित कानूनों को लागू करने की व्यवस्था की है में शामिल हैं – उत्तर प्रदेश, गुजरात, ओडीशा, आन्ध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और बिहार। वहीं ऐसा करने वाले 6 केन्द्र शासित प्रदेश हैं – अण्डमान एवं निकोबार द्वीपसमूह, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, चण्डीगढ़, दादरा एवं नगर हवेली, दमन व दीव तथा लक्षद्वीप।

 उल्लेखनीय है कि रियल एस्टेट (नियमन व विकास) विधेयक, 2016 (Real Estate (Regulation and Development) Bill, 2016) को संसद ने पिछले वर्ष मार्च में पारित कर दिया था तथा इसी परिप्रेक्ष्य में विधेयक से सम्बन्धित समस्त 92 अनुच्छेदों को 1 मई 2017 से लागू कर दिया गया। इस विधेयक को कानूनी तौर पर प्रभाव में लाकर सरकार घर/अपार्टमेण्ट खरीदने वाले ग्राहकों के हितों की रक्षा कर इस क्षेत्र में संलग्न सही व ईमानदार निजी कम्पनियों को बढ़ावा देना चाहती है।

 रियल एस्टेट कम्पनियों को कम्प्लीशन सर्टिफिकेट न हासिल करने वाली निर्माणाधीन परियोजनाओं तथा नई परियोजनाओं को 1 मई 2017 से तीन माह के भीतर सम्बद्ध संस्थाओं से पंजीकृत करना होगा।

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3) युवाओं में देशप्रेम की भावना जगाने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार ने 2 मई 2017 से एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया। इस अभियान को क्या नाम दिया गया है? – “विद्या-वीरता अभियान” (“Vidya-Veerta Abhiyan”)

विस्तार: “विद्या-वीरता अभियान” (“Vidya-Veerta Abhiyan”) एक राष्ट्रव्यापी अभियान है जिसका मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी में देशभक्ति का जज़्बा पैदा कर उन्हें राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत करने का सशक्त प्रयास करना है। इसे केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने 2 मई 2017 को शुरू किया।

 उक्त मिशन के द्वारा युवाओं में यह भावना प्रतिस्थापित करने का प्रयास किया जायेगा कि देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल जवानों की जिम्मेदारी नहीं है अपितु इसमें देश के प्रत्येक नागरिक की बराबर हिस्सेदारी तथा जिम्मेदारी है।

 “विद्या-वीरता अभियान” भाजपा के वरिष्ठ नेता तरुण विजय की परिकल्पना पर आधारित है तथा अभियान को स्वरूप देने तथा क्रियान्वित करने की जिम्मेदारी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) को सौंपी गई है।

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4) किसानों के लिए स्वचालित मौसम केन्द्रों (Automatic Weather Stations) की श्रृंखला बनाकर किसानी में उनकी मदद की एक महात्वाकांक्षी परियोजना बनाने वाला भारत का वह पहला राज्य कौन सा है जिसने ऐसे पहले मौसम केन्द्र को 30 अप्रैल 2017 को खोल दिया? – महाराष्ट्र (Maharashtra)

विस्तार: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस (Devendra Fadnavis) ने 30 अप्रैल 2017 को नागपुर (Nagpur) जिले के डोंगरगाँव (Dongargaon) नामक स्थान पर राज्य के पहले स्वचालित मौसम केन्द्र का उद्घाटन किया। राज्य सरकार का इरादा पूरे राज्य में ऐसे 2,065 मौसम केन्द्रों की स्थापना का है जिससे किसानी में अधिकाधिक मदद की जा सके।

 इन मौसम केन्द्रों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (public private partnership – PPP) पर संचालित किया जायेगा तथा राज्य सरकार जून 2017 तक राज्य भर में ऐसे 1,000 मौसम केन्द्र स्थापित करने की मंशा लेकर चल रही है।

 इन मौसम केन्द्रों से मिलने वाली जानकारी को महावेध (Mahavedh) पोर्टल नामक महाराष्ट्र कृषि मौसम सूचना नेटवर्क के माध्यम से किसानों तक उपलब्ध कराया जायेगा। इसके अलावा स्काईमेट (Skymet) मोबाइल एप्लीकेशन के द्वारा सूचना उपलब्ध कराई जायेगी। उल्लेखनीय है कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा प्रदत्त मौसम सम्बन्धी सूचनाएं जहाँ राज्य को चार क्षेत्रों में बांटकर उपलब्ध कराई जाती है वहीं स्वचालित मौसम केन्द्रों द्वारा अब राज्य के प्रत्येक तालुका स्तर की सूचना उपलब्ध कराई जा सकेगी।

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5) 30 अप्रैल 2017 को रूसी फार्मूला वन ग्रां प्री (Russian F1 Grand Prix) का खिताब जीतकर जिसने अपने जीवन का पहला फार्मूला वन खिताब हासिल करने में सफलता हासिल की? – वाल्टेरी बोटास (Valtteri Bottas)

विस्तार: मर्सिडीज़ (Mercedes) टीम के लिए कार चलाने वाले फिनलैण्ड (Finland) के वाल्टेरी बोटास (Valtteri Bottas) ने अपने जीवन का पहला फार्मूला वन खिताब हासिल किया जब उन्होंने 30 अप्रैल 2017 को सम्पन्न रूसी फार्मूला वन का खिताब हासिल कर लिया। वे फेरारी (Ferrari) टीम के जर्मन ड्राइवर सेबेस्टियन वेटल (Sebastian Vettel) द्वारा रेस के अंतिम समय में काफी तेजी दिखाने के बावजूद यह रेस जीतने में सफल हुए।

 फेरारी टीम के फिनलैण्ड के ड्राइवर किमी राइकोनन (Kimi Raikkonen) तीसरे स्थान पर रहे। उल्लेखनीय है कि बोटास ने तीसरे स्थान से रेस शुरू की थी लेकिन रेस के दौरान उन्होंने वेटल और राइकोनन दोनों को पछाड़ कर अपना पहला खिताब जीत लिया।

 वहीं भारतीय फार्मूला वन टीम Force India के ड्राइवर मैक्सिको (Mexico) के सर्जियो पेरेज़ (Sergio Perez) तथा दूसरे ड्राइवर फ्रांस (France) के एस्तेबान ओकॉन (Esteban Ocon) क्रमश: छठवें तथा सातवें रहे तथा उन्होंने कुल 14 अंक इस रेस से बटोरे।

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http://churugurukul.com/current-affairs-29-30-april-2017

1) दूरसंचार विभाग द्वारा 2 मई 2017 को लाँच किए गए उस वेब-पोर्टल (web portal) का क्या नाम है जिसकी मदद से आम नागरिक अपने क्षेत्र में स्थित मोबाइल टॉवरों से निकलने वाले विकिरण (radiation) की मात्रा का पता लगा सकते हैं? – “तरंग संचार” (‘Tarang Sanchar’)

विस्तार: दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा ने 2 मई 2017 को दूरसंचार विभाग (Department of Telecom – DoT) द्वारा तैयार किए गए उस वेब पोर्टल को लाँच किया जिसकी मदद से मोबाइल उपभोक्ता अपने क्षेत्र में स्थित मोबाइल टॉवरों (mobile towers) द्वारा छोड़ी जाने वाली तरंगों में मौजूद विकिरण (radiation) की मात्रा का परा लगा सकेंगे।

 ग्राहक माउस के एक बटन की क्लिक से यह जान सकेंगे कि उनके क्षेत्र में मोबाइल टॉवरों से होने वाली विकिरण की मात्रा केन्द्र सरकार द्वारा तय इलेक्ट्रोमैग्नेटिक क्षेत्र के उत्सर्जन मानकों (electromagnetic field (EMF) emission norms) की परिधि में आता है अथवा नहीं। इसके अलावा “तरंग संचार” से मोबाइल विकिरण से सम्बन्धित तमाम मिथकों के टूटने की संभावना भी है।

 उलेखनीय है कि “तरंग संचार” वेब पोर्टल ऐसे समय में शुरू किया गया है जब सर्वोच्च न्यायालय ने कुछ दिन पूर्व ही ग्वालियर के एक 42 वर्षीय कैंसर के मरीज की मांग पर उसके इलाके में स्थित एक मोबाइल टॉवर को हटाने का निर्देश दिया था।

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2) ग्राहकों के हितों का ध्यान रखने तथा रियल एस्टेट सौदों को अधिकाधिक पारदर्शी बनाने से सम्बन्धित रियल एस्टेट (नियमन व विकास) विधेयक, 2016 को 1 मई 2017 को लागू कर दिया गया। लागू होने के दिन तक देश के कुल कितने राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों ने इस विधेयक से सम्बन्धित कानूनों की अधिसूचना जारी कर दी है? – तेरह (13)

विस्तार: बहुप्रतीक्षित रियल एस्टेट बिल हालांकि 1 मई 2017 से प्रभाव में आ गया लेकिन लागू होने के दिन तक देश के मात्र तेरह राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों ने इस कानून को प्रभाव में लाने से सम्बन्धित नियमों को लागू किया है।

 7 राज्य जिन्होंने 1 मई 2017 तक विधेयक से सम्बन्धित कानूनों को लागू करने की व्यवस्था की है में शामिल हैं – उत्तर प्रदेश, गुजरात, ओडीशा, आन्ध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और बिहार। वहीं ऐसा करने वाले 6 केन्द्र शासित प्रदेश हैं – अण्डमान एवं निकोबार द्वीपसमूह, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, चण्डीगढ़, दादरा एवं नगर हवेली, दमन व दीव तथा लक्षद्वीप।

 उल्लेखनीय है कि रियल एस्टेट (नियमन व विकास) विधेयक, 2016 (Real Estate (Regulation and Development) Bill, 2016) को संसद ने पिछले वर्ष मार्च में पारित कर दिया था तथा इसी परिप्रेक्ष्य में विधेयक से सम्बन्धित समस्त 92 अनुच्छेदों को 1 मई 2017 से लागू कर दिया गया। इस विधेयक को कानूनी तौर पर प्रभाव में लाकर सरकार घर/अपार्टमेण्ट खरीदने वाले ग्राहकों के हितों की रक्षा कर इस क्षेत्र में संलग्न सही व ईमानदार निजी कम्पनियों को बढ़ावा देना चाहती है।

 रियल एस्टेट कम्पनियों को कम्प्लीशन सर्टिफिकेट न हासिल करने वाली निर्माणाधीन परियोजनाओं तथा नई परियोजनाओं को 1 मई 2017 से तीन माह के भीतर सम्बद्ध संस्थाओं से पंजीकृत करना होगा।

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3) युवाओं में देशप्रेम की भावना जगाने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार ने 2 मई 2017 से एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया। इस अभियान को क्या नाम दिया गया है? – “विद्या-वीरता अभियान” (“Vidya-Veerta Abhiyan”)

विस्तार: “विद्या-वीरता अभियान” (“Vidya-Veerta Abhiyan”) एक राष्ट्रव्यापी अभियान है जिसका मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी में देशभक्ति का जज़्बा पैदा कर उन्हें राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत करने का सशक्त प्रयास करना है। इसे केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने 2 मई 2017 को शुरू किया।

 उक्त मिशन के द्वारा युवाओं में यह भावना प्रतिस्थापित करने का प्रयास किया जायेगा कि देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल जवानों की जिम्मेदारी नहीं है अपितु इसमें देश के प्रत्येक नागरिक की बराबर हिस्सेदारी तथा जिम्मेदारी है।

 “विद्या-वीरता अभियान” भाजपा के वरिष्ठ नेता तरुण विजय की परिकल्पना पर आधारित है तथा अभियान को स्वरूप देने तथा क्रियान्वित करने की जिम्मेदारी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) को सौंपी गई है।

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4) किसानों के लिए स्वचालित मौसम केन्द्रों (Automatic Weather Stations) की श्रृंखला बनाकर किसानी में उनकी मदद की एक महात्वाकांक्षी परियोजना बनाने वाला भारत का वह पहला राज्य कौन सा है जिसने ऐसे पहले मौसम केन्द्र को 30 अप्रैल 2017 को खोल दिया? – महाराष्ट्र (Maharashtra)

विस्तार: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस (Devendra Fadnavis) ने 30 अप्रैल 2017 को नागपुर (Nagpur) जिले के डोंगरगाँव (Dongargaon) नामक स्थान पर राज्य के पहले स्वचालित मौसम केन्द्र का उद्घाटन किया। राज्य सरकार का इरादा पूरे राज्य में ऐसे 2,065 मौसम केन्द्रों की स्थापना का है जिससे किसानी में अधिकाधिक मदद की जा सके।

 इन मौसम केन्द्रों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (public private partnership – PPP) पर संचालित किया जायेगा तथा राज्य सरकार जून 2017 तक राज्य भर में ऐसे 1,000 मौसम केन्द्र स्थापित करने की मंशा लेकर चल रही है।

 इन मौसम केन्द्रों से मिलने वाली जानकारी को महावेध (Mahavedh) पोर्टल नामक महाराष्ट्र कृषि मौसम सूचना नेटवर्क के माध्यम से किसानों तक उपलब्ध कराया जायेगा। इसके अलावा स्काईमेट (Skymet) मोबाइल एप्लीकेशन के द्वारा सूचना उपलब्ध कराई जायेगी। उल्लेखनीय है कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा प्रदत्त मौसम सम्बन्धी सूचनाएं जहाँ राज्य को चार क्षेत्रों में बांटकर उपलब्ध कराई जाती है वहीं स्वचालित मौसम केन्द्रों द्वारा अब राज्य के प्रत्येक तालुका स्तर की सूचना उपलब्ध कराई जा सकेगी।

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5) 30 अप्रैल 2017 को रूसी फार्मूला वन ग्रां प्री (Russian F1 Grand Prix) का खिताब जीतकर जिसने अपने जीवन का पहला फार्मूला वन खिताब हासिल करने में सफलता हासिल की? – वाल्टेरी बोटास (Valtteri Bottas)

विस्तार: मर्सिडीज़ (Mercedes) टीम के लिए कार चलाने वाले फिनलैण्ड (Finland) के वाल्टेरी बोटास (Valtteri Bottas) ने अपने जीवन का पहला फार्मूला वन खिताब हासिल किया जब उन्होंने 30 अप्रैल 2017 को सम्पन्न रूसी फार्मूला वन का खिताब हासिल कर लिया। वे फेरारी (Ferrari) टीम के जर्मन ड्राइवर सेबेस्टियन वेटल (Sebastian Vettel) द्वारा रेस के अंतिम समय में काफी तेजी दिखाने के बावजूद यह रेस जीतने में सफल हुए।

 फेरारी टीम के फिनलैण्ड के ड्राइवर किमी राइकोनन (Kimi Raikkonen) तीसरे स्थान पर रहे। उल्लेखनीय है कि बोटास ने तीसरे स्थान से रेस शुरू की थी लेकिन रेस के दौरान उन्होंने वेटल और राइकोनन दोनों को पछाड़ कर अपना पहला खिताब जीत लिया।

 वहीं भारतीय फार्मूला वन टीम Force India के ड्राइवर मैक्सिको (Mexico) के सर्जियो पेरेज़ (Sergio Perez) तथा दूसरे ड्राइवर फ्रांस (France) के एस्तेबान ओकॉन (Esteban Ocon) क्रमश: छठवें तथा सातवें रहे तथा उन्होंने कुल 14 अंक इस रेस से बटोरे।

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