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Current Affairs 01 Dec to 10 Dec 2017

1) ईरान (Iran) के लिए “अंतर्राष्ट्रीय प्रवेश-द्वार” के नाम से सम्बोधित की जाने वाली व भारत द्वारा निर्मित की जाने वाली चाबहार बंदरगाह परियोजना (Chabahar Port Project) के पहले चरण के तहत किस छोटे बंदरगाह का उद्घाटन 3 दिसम्बर 2017 को ईरानी राष्ट्रपति हसन रोहानी ने किया? – शाहिद बेहेश्ती बंदरगाह (Shahid Beheshti Port)

विस्तार: ईरान के दक्षिण-पूर्व स्थित प्रांत सिस्तान-बलुचेस्तान (Sistan-Baluchestan) में भारत के सहयोग से बनवाई जा रही चाबहार बंदरगाह परियोजना (Chabahar Port Project) इस क्षेत्र के लिए एक बेहद महात्वाकांक्षी तथा रणनीतिक परियोजना है तथा इसे चीन द्वारा पाकिस्तान में बनाए जा रहे ग्वादर (Gwadar) बंदरगाह के मुख्य प्रतिद्वन्दी बंदरगाह के तौर पर देखा जा रहा है। चाबहार से भारत को जहाँ ईरान के रास्ते अफगानिस्तान से व्यापारिक सम्बन्ध स्थापित कर इसके लिए पाकिस्तान को अनदेखा करने का मौका मिलेगा वहीं ईरान के लिए इस बंदरगाह के छोटे रास्ते से यूरोप और तमाम पश्चिमी देशों को सामान भेजना और मंगाना संभव हो जायेगा।

चाबहार परियोजना के पहले चरण के तहत शाहिद बेहेश्ती (Shahid Beheshti) नामक एक छोटे बंदरगाह का उद्घाटन ईरानी राष्ट्रपति हसन रोहानी (Iranian President Hassan Rouhani) ने 3 दिसम्बर 2017 को किया।

उल्लेखनीय है कि चाबहार ईरान का एकमात्र बंदरगाह शहर है तथा इस वृहद बंदरगाह के तहत दो छोटे बंदरगाह आते हैं – शाहिद बेहेश्ती (Shahid Beheshti) और शाहिद कलंतरी (Shahid Kalantari)। परियोजना के पहले चरण के तहत शाहिद बेहेश्ती बंदरगाह के उद्घाटन से यहाँ की माल ढोने की क्षमता तीन गुना बढ़कर 85 लाख टन हो गई है तथा अब यहाँ से भारी-भरकम मालवाहक जहाजों का संचालन किया जा सकेगा।

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2) वेनेज़ुएला (Venezuela) की सरकार ने एक नई वर्चुअल मुद्रा (virtual currency) शुरू करने की घोषणा 3 दिसम्बर 2017 को की जिसको देश की समृद्ध प्राकृतिक संपदाओं का समर्थन प्रदान किया जायेगा। इस प्रस्तावित वर्चुअल मुद्रा को क्या नाम दिया गया है? – “पेट्रो” (‘Petro’)

विस्तार: पिछले काफी समय से आर्थिक दुश्वारियाँ झेल रहे लैटिन अमेरिकी देश वेनेज़ुएला (Venezuela) ने 3 दिसम्बर 2017 को एक नई वर्चुअल मुद्रा “पेट्रो” (‘Petro’) जारी करने की घोषणा की जिसको देश की प्राकृतिक संपदाओं द्वारा समर्थन प्रदान किया जायेगा। वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मडुरो (President Nicolas Maduro) द्वारा की गई इस घोषणा में कहा गया कि “पेट्रो” के क्रिप्टोकरेंसी (cryptocurrency) होगी तथा इसको सरकार तेल, गैस, स्वर्ण और हीरे के भण्डारों के द्वारा समर्थन प्रदान करेंगी।

राष्ट्रपति मडुरो की इस घोषणा से स्पष्ट हो गया कि इसी वर्ष अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा वेनेज़ुएला पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबन्धों ने देश की स्थिति को खासी चोट पहुँचाई है तथा उसे अब अंतर्राष्ट्रीय बैंकों की मदद नहीं मिल रही है। उल्लेखनीय है कि देश की वास्तविक मुद्रा “बोलीवार” (“Bolivar”) है तथा इसकी कीमत में भारी गिरावट के कारण वेनेज़ुएला की आर्थिक साख खासी प्रभावित हुई है। देश को भोजन और दवाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है।

पेट्रो “बिटक्वाइन” (‘Bitcoin’) की तरह से क्रिप्टोकरेंसी होगी। ऐसी वर्चुअल मुद्राओं को अधिकतर स्थितियों में किसी देश की सरकार अथवा केन्द्रीय बैंक का समर्थन नहीं मिलता है। लेकिन वेनेज़ुएला “पेट्रो” के द्वारा अमेरिकी मुद्रा डॉलर पर अपनी निर्भरता को भी कम करना चाहता है।

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3) हिंदी फिल्मों के सुप्रसिद्ध अभिनेता शशि कपूर (Shashi Kapoor) का 4 दिसम्बर 2017 को 79 वर्ष की आयु में मुंबई में निधन हो गया। वे हिंदी फिल्मों के पितामाह माने जाने वाले पृथ्वीराज कपूर के सबसे छोटे पुत्र थे तथा अंग्रेजी फिल्मों में काम करने वाले कुछ सर्वप्रथम भारतीय अभिनेताओं में से एक थे। उन्हें भारतीय फिल्मों का सर्वोच्च सम्मान “दादा साहेब फाल्के पुरस्कार” किस वर्ष प्रदान किया गया था? – 2015 में

विस्तार: शशि कपूर के बचपन का नाम बलबीर पृथ्वीराज कपूर (Balbir Prithviraj Kapoor) था। वे हिंदी फिल्मों के सबसे लोकप्रिय अभिनेताओं में से एक थे तथा उन्होंने कुल 116 हिंदी फिल्मों में काम किया। इनमें से 61 में वे बतौर मुख्य अभिनेता पर्दे पर आए थे। उन्होंने अपने अभिनय जीवन की शुरूआत बाल कलाकार के तौर पर की थी तथा 1948 की फिल्म “आग” और 1951 की “आवारा” उनकी सबसे चर्चित फिल्में थीं।

बतौर अभिनेता वे 1961 की फिल्म “धर्मपुत्र” में आए थे। उनके शानदार करियर की कुछ सबसे सफल फिल्में थीं – “नींद हमारी ख्वाब तुम्हारे”, “जब जब फूल खिले”, “हसीना मान जायेगी”, “प्यार का मौसम”, “राजा साहब”, “जानवर और इंसान”, “मि. रोमियो”, “आ गले लग जा”, “चोरी मेरा काम” “जुनून”, “कलयुग” और “पिघलता आसमान”। 1998 में “जिन्ना” और “साइड स्ट्रीट्स” में काम करने के बाद उन्होंने अभिनय छोड़ दिया था।

उन्होंने फिल्म निर्माण में भी नाम कमाया। उनकी बनाई गई कुछ प्रमुख फिल्में हैं – “जुनून” (1978), “कलयुग” (1981), “36 चौरंगी लेन” (1981), “विजेता” (1982), “उत्सव” (1984) और “अजूबा” (1991)।

शशि कपूर ने अपने पिता पृथ्वीराज कपूर द्वारा 1942 में शुरू किए गए “पृथ्वी थियेटर” (‘Prithvi Theatre’) को नवम्बर 1978 में एक बार फिर शुरू कर इसे भारतीय रंगमंच का प्रमुख केन्द्र बनाया था। इसको शुरू करने में उनकी पत्नी जेनिफर ने भी अहम योगदान दिया था।

फिल्मों और रंगमंच के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें वर्ष 2011 में देश का तीसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान “पद्म भूषण” (‘Padma Bhushan’) प्रदान किया गया था जबकि भारतीय फिल्मों का सर्वोच्च सम्मान “दादा साहेब फाल्के” उन्हें वर्ष 2015 में दिया गया था।

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4) प्रमुख भारतीय सॉफ्टवेयर कम्पनी इन्फोसिस (Infosys) ने किसे 2 दिसम्बर 2017 को कम्पनी का अगला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नामित किया? – सलिल पारिख (Salil Parekh)

विस्तार: दिग्गज भारतीय आईटी कम्पनी इन्फोसिस (Infosys Ltd.) ने सलिल एस. पारिख (Salil S. Parekh) को कम्पनी का अगला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (Chief Executive Officer (CEO) बनाने की घोषणा 2 दिसम्बर 2017 को की। इस घोषणा के साथ कम्पनी ने इस पद के लिए पिछले काफी समय से चल रही अपनी तलाश को पूरा कर लिया।

उल्लेखनीय है कि इन्फोसिस के सीईओ (CEO) का पद अगस्त 2017 से खाली चल रहा था जब विशाल सिक्का (Vishal Sikka) ने कम्पनी के संस्थापकों (मुख्य रूप से नारायणमूर्ति) के साथ अपने वैचारिक मतभेदों को चलते यह पद छोड़ दिया था। विशाल सिक्का कम्पनी के पहले बाहरी सीईओ (CEO) थे तथा पारिख भी उन्हीं की तरह बाहर से आए हैं।

पारिख अभी तक एक और आईटी कम्पनी केपजैमिनी (Capgemini SE) में वरिष्ठ अधिकारी हैं तथा उनके पास आईआईटी (IIT) तथा अमेरिका की कॉर्नवेल यूनीवर्सिटी (Cornell University) की डिग्रियाँ हैं। वे इन्फोसिस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबन्ध निदेशक (CEO & MD) का पद 2 जनवरी 2018 से संभालेंगे।

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5) आयुष (AYUSH) और परंपरागत चिकित्सकीय पद्धतियों (traditional wellness systems) को समर्पित पहला अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन तथा प्रदर्शिनी “इंटरनेशनल आरोग्य 2017” (“International Arogya 2017”) का आरंभ 4 दिसम्बर 2017 से किस स्थान पर किया गया? – दिल्ली (Delhi)

विस्तार: “इंटरनेशनल आरोग्य 2017” नामक आयुष और परंपरागत स्वास्थ्य पद्धतियों को समर्पित पहले वैश्विक सम्मेलन व प्रदर्शिनी का उद्घाटन 4 दिसम्बर 2017 को केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु (Suresh Prabhu) ने दिल्ली (Delhi) में किया। 7 दिसम्बर 2017 तक चलने वाले इस सम्मेलन को वैश्विक पृष्ठभूमि में भारतीय स्वास्थ्य पद्धतियों की वैज्ञानिकता और प्रामाणिकता को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

इस 4-दिवसीय सम्मेलन का आयोजन औद्यगिक संगठन फिक्की (FICCI) द्वारा भारत सरकार के आयुष मंत्रालय, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय तथा फार्माएक्सिल नामक कम्पनी के सहयोग से किया जा रहा है।

इस सम्मेलन में जिन भारतीय परंपरागत चिकित्सकीय पद्धतियों का प्रदर्शन किया जा रहा है वे हैं आयुर्वेद, योग व प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध, सोवा-रिग्पा और होम्योपैथी।

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6) भारत के नेतृत्व वाला संगठन अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबन्धन (International Solar Alliance – ISA) 6 दिसम्बर 2017 को 121 से अधिक देशों की भागीदारी वाले एक संधि-आधारित अंतर्राष्ट्रीय अंतर-सरकारी संगठन के तौर पर अस्तित्व में आ गया। वैश्विक तौर पर सौर-ऊर्जा संयंत्रों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बने इस संगठन का मुख्यालय कहाँ बनाया गया है? – गुरुग्राम (Gurugram)

विस्तार: भारत के नेतृत्व वाले तथा भारत व फ्रांस के सहयोग से वर्ष 2016 में अस्तित्व में आए अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबन्धन (International Solar Alliance – ISA) का मुख्यालय हरियाणा के गुरुग्राम (Gurugram) में बनाया गया है। इस संगठन में 121 से अधिक देश भागीदार देश के तौर पर शामिल हैं तथा ये वे देश हैं पूरी तरह से अथवा आंशिक तौर पर कर्क रेखा (Tropic of Cancer) और मकर रेखा (Tropic of Capricorn) के बीच स्थित हैं।

6 दिसम्बर 2017 को गिनी (Guinea) द्वारा संगठन का 15वाँ संस्थापक सदस्य बनने को मंजूरी प्रदान किए जाने के बाद अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबन्धन औपचारिक रूप से अस्तित्व में आ गया।

इस गठबन्धन का मुख्य उद्देश्य कर्क और मकर रेखा के मध्य आने वाले देशों में बड़े पैमाने पर सौर-ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना कर सौर-ऊर्जा की मांग को कार्यकुशल तरीके से पूरा करना है। यह गठबन्धन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक महात्वाकांक्षी योजना का हिस्सा है।

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7) देश के किस धार्मिक आयोजन को यूनेस्को (UNESCO) ने “अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर” (‘Intangible Cultural Heritage’) की श्रेणी में शामिल करने की घोषणा 7 दिसम्बर 2017 को की? – कुंभ मेला (Kumbh Mela)

विस्तार: दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन कुंभ मेले (Kumbh Mela) को संयुक्त राष्ट्र शैक्षणिक, वैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक संगठन (United Nations Educational, Scientific and Cultural Organisation – UNESCO) ने “अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर” (‘Intangible Cultural Heritage’) की श्रेणी में शामिल करने की घोषणा की। इससे पूर्व यूनेस्को 1 दिसम्बर 2016 को “योग” (Yoga) और “नवरोज” (‘Norouz’) को इस श्रेणी में शामिल कर चुका है तथा कुंभ मेला इस श्रेणी में शामिल भारत का तीसरा आयोजन हो गया है। कुंभ मेले का आयोजन हरिद्वार, इलाहाबाद, उज्जैन और नासिक में होता है।

यह घोषणा यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण पर गठित अंतर-सरकारी समिति (Intergovernment Committee for the Safeguarding of the Intangible Cultural Heritage) ने अपने 12वें सत्र में 7 दिसम्बर 2017 को की जिसका आयोजन 4 से 9 दिसम्बर के बीच दक्षिण कोरिया के शहर जेजू (Jeju) में किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि कुंभ मेले को “अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर” में शामिल करने की प्रार्थना केन्द्र सरकार द्वारा किए जाने के बाद एक विशेषज्ञ समिति द्वारा की गई सिफारिशों के आधार पर यह निर्णय लिया गया है।

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8) परमाणु हथियारों के अप्रसार पर नियंत्रण रखने वाले किस प्रमुख वैश्विक समूह ने भारत को समूह में सदस्यता प्रदान करने की घोषणा 7 दिसम्बर 2017 को की जिससे परमाणु अप्रसार के क्षेत्र में भारत का वैश्विक दर्जा बढ़ने की संभावना है? – “वासेनार व्यवस्था ” (Wassenaar Arrangement – WA)

विस्तार: “वासेनार व्यवस्था ” (Wassenaar Arrangement – WA) परमाणु अप्रसार के क्षेत्र में एक सशक्त संगठन है तथा यह परम्परागत हथियारों तथा परमाणु हथियारों के निर्यात तथा प्रौद्यौगिकी हस्तांतरण पर नियंत्रण रखने वाला प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय समूह है। इसकी स्थापना 1996 में नीदरलैण्ड्स (The Netherlands) के वासेनार (Wassenaar) नामक स्थान पर हुई थी।

भारत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि में वासेनार व्यवस्था ने 7 दिसम्बर 2017 को भारत को संगठन में शामिल करने को अपनी मंजूरी प्रदान कर दी। माना जा रहा है कि संगठन में शामिल होने से भारत को परमाणु अप्रसार संधि (Non-Proliferation Treaty – NPT) पर हस्ताक्षर न करने के बावजूद परमाणु अप्रसार के क्षेत्र में प्रमुख भूमिका मिलेगी तथा इस क्षेत्र में उसकी विश्वसनीयता में इजाफा होगा। इससे भारत को तकनीकी मदद मिलने का रास्ता भी खुलेगा। संगठन ने भारत को शामिल करने का निर्णय ऑस्ट्रिया के वियना (Vienna) में हुए अपने 2-दिवसीय सत्र में लिया।

“वासेनार व्यवस्था” में शामिल होने से पहले कुछ औपचारिकताएं पूरी करके भारत जब इसमें औपचारिक रूप से शामिल होगा तो वह इसका 42वाँ सदस्य राष्ट्र बन जायेगा। खास बात यह है कि 48-सदस्यीय परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (Nuclear Suppliers Group – NSG) में भारत को शामिल करने में रोढ़ा डालने वाला चीन इस समूह में शामिल नहीं है।

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9) दिसम्बर 2017 के दौरान सर्वसम्मति से एक विधेयक पारित कौन सा राज्य भारत में पहला राज्य बना है जहाँ 12 वर्ष और इससे कम आयु की बालिकाओं से बलात्कार करने के दोषियों को मृत्युदण्ड का प्रावधान किया गया है? – मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh)

विस्तार: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) विधानसभा ने 4 दिसम्बर 2017 को सर्वसम्मति से एक विधेयक पारित किया जिसमें 12 वर्ष और इससे कम आयु की बालिकाओं से बलात्कार करने के दोषियों को मृत्युदण्ड का प्रावधान किया गया है। इस प्रकार यह राज्य बलात्कार के दोषियों के लिए मृत्युदण्ड का प्रावधान करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।

इस विधेयक के तहत बलात्कार करने के दोषियों को बलात्कार से सम्बन्धित धारा 376 (A) और सामूहिक बलात्कार से सम्बन्धित धारा 376 (D) के तहत मृत्युदण्ड प्रदान करने का प्रावधान किया गया है।

इस ऐतिहासिक विधेयक को विधायी मामलों के मंत्री रामपाल सिंह द्वारा सदन में प्रस्तुत किया गया था तथा इसे सर्वसम्मति से पारित करने में सत्ताधारी भाजपा के अलावा मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस की भी भूमिका रही।

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10) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) ने अपनी दशकों पुरानी किस फलस्तीन-इज़रायल नीति में परिवर्तन करने की घोषणा 6 दिसम्बर 2017 को की जिसकी अरब जगत के अलावा उसके तमाम पश्चिमी सहयोगियों ने भी भर्त्सना की? – उसने येरुशलम (Jerusalem) को इज़राइल की राजधानी के तौर पर मान्यता प्रदान कर दी

विस्तार: एक आश्चर्यजनक तथा लगभग अप्रत्याशित घटनाक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दशकों पुरानी नीति में परिवर्तन करते हुए पवित्र शहर येरुशलम (Jerusalem) को इज़राइल (Israel) की राजधानी का दर्जा प्रदान करने की घोषणा 6 दिसम्बर 2017 को की। उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रशासन जल्द ही अपना दूतावास तेल अवीव (Tel Aviv) से येरूशल में स्थानांतरित करने का काम शुरू कर देगा।

उल्लेखनीय है कि येरूशलम, जोकि तीन समुदायों – मुसलमानों, यहूदियों और ईसाइयों की धार्मिक मान्यताओं से जुड़ा है, इज़राइल और फलस्तीन के बीच शांति समझौते में मुख्य रोढ़ा बना हुआ है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इस शहर के पूरे भाग पर इज़राइल की संप्रभुता स्वीकार नहीं करता है तथा इस विवाद को बातचीत से सुलझाने की बात करता आया है। वहीं किसी अन्य देश का येरूशलम में दूतावास नहीं है।

ट्रम्प प्रशासन इस घोषणा के बाद राजनीतिक तौर पर अलग-थलग पड़ गया। सिर्फ इज़राइल प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू (Benjamin Netanyahu) ने इस घोषणा पर प्रसन्नता व्यक्त की जबकि वाशिंग्टन के करीबी सहयोगी देश ब्रिटेन और फ्रांस ने भी इस घोषणा पर अपनी आपत्तियाँ व्यक्त कीं।

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11) देश में कुपोषण (malnourishment) और बच्चों के छोटे कद के रह जाने (stunted growth) की समस्या का मुकाबला करने के लिए केन्द्रीय कैबिनेट ने 1 दिसम्बर 2017 को किस नए मिशन की स्थापना को अपनी मंजूरी प्रदान कर दी? – राष्ट्रीय पोषण मिशन (National Nutrition Mission – NNM)

विस्तार: केन्द्रीय कैबिनेट ने 1 दिसम्बर 2017 को राष्ट्रीय पोषण मिशन (National Nutrition Mission – NNM) नामक एक नए मिशन की स्थापना को अपनी मंजूरी प्रदान कर दी। देश में कुपोषण और बच्चों के छोटे कद के रह जाने की समस्या का मुकाबला करने के लिए बनाए जा रहे इस मिशन के तीन वर्ष के खर्च के लिए 9,046.17 करोड़ रुपए की राशि भी स्वीकृत की गई है।

इस मिशन के द्वारा केन्द्र सरकार ने देश के 10 करोड़ लोगों में कद कम रह जाने (stunted growth), कुपोषण (malnourishment) तथा जन्म के समय कम वजन (low birthweight) की समस्या में प्रतिवर्ष 2% कमी लाने का लक्ष्य तैयार किया है। वहीं बच्चों, महिलाओं और नवयुवतियों में एनीमिया (anaemia) की समस्या में प्रतिवर्ष 3% की कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है। इस कार्यक्रम को चरणबद्ध तरीके से चलाया जायेगा तथा वर्ष 2017-18 में 315 जिले, 2018-19 में 235 जिले और वर्ष 2019-20 में देश के शेष जिलों को इसमें शामिल किया जायेगा।

राष्ट्रीय पोषण मिशन को क्रियान्वित करने के लिए सूचना प्रौद्यौगिकी (IT) को मूलभूत उपागम के तौर पर इस्तेमाल किया जायेगा – आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन जबकि उनके पर्यवेक्षकों को स्मार्ट टैबलेट उपलब्ध कराए जायेंगे जिसमें वे पूरे दिन की गतिविधियों को डाल कर रिपोर्ट तैयार करेंगे। मिशन के तहत महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार मंत्रालय और पेयजल व स्वच्छता मंत्रालय मिल कर कार्य करेंगे।

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12) किन दो अरब देशों ने खाड़ी सहयोग परिषद (Gulf Cooperation Council – GCC) से पृथक एक अलग भागीदारी समूह की स्थापना करने की घोषणा 5 दिसम्बर 2017 को की जिसके चलते कतर को लेकर चल रहे गतिरोध के माहौल में GCC की शक्ति घटने की आशंका व्यक्त की गई है? – सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात

विस्तार: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की सरकार ने 5 दिसम्बर 2017 को घोषणा की कि उसने सऊदी अरब (Saudi Arabia) के साथ मिलकर एक नए आर्थिक व भागीदारी समूह की स्थापना की है जिसका अस्तित्व खाड़ी सहयोग परिषद (Gulf Cooperation Council – GCC) से पृथक होगा। यह घोषणा कुवैत में परिषद की होने वाली बैठक के कुछ ही घण्टों पूर्व की गई।

इस नए समूह के अस्तित्व में आने से खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) की अहमियत कम होने की संभावना व्यक्त की गई है। 1981 में स्थापित इस परिषद में खाड़ी के 6 अरब देश शामिल हैं तथा यह एक अंतर-सरकारी राजनीतिक व आर्थिक संघ के तौर पर कार्य कर रहा है। इसके 6 सदस्य हैं – सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, बहरीन, ओमान और कतर। इसका मुख्यालय सऊदी अरब के रियाद (Riyadh) में स्थित है।

उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ समय से संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब ने अपने परस्पर सम्बन्धों को और मजबूत किया है। यमन (Yemen) में सऊदी अरब के नेतृत्व में चल रहे युद्ध में अमीराती सेना बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही है।

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