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Current Affairs 07 - 08 April 2017

1) केन्द्र सरकार ने भारतीय रेल (Indian Railways) के किराए तथा मालभाड़े की सिफारिश करने एवं तमाम सेवाओं के स्तर में सुधार के लिए उपाय सुझाने के उद्देश्य से एक स्वतंत्र नियामक संस्था (independent regulator authority) गठित करने के प्रस्ताव को 5 अप्रैल 2017 को अपनी मंजूरी प्रदान कर दी। इस प्रस्तावित संस्था का नाम क्या होगा? – रेल विकास प्राधिकरण (Rail Development Authority – RDA)

विस्तार: रेल विकास प्राधिकरण (Rail Development Authority – RDA) की स्थापना एक स्वायत्त संस्था के रूप में की जायेगी तथा इसका मुख्यालय नई दिल्ली (New Delhi) में होगा। इसकी प्रारंभिक पूँजी (initial corpus) 50 करोड़ रुपए होगी तथा इसका नेतृत्व एक अध्यक्ष (Chairman) द्वारा किया जायेगा। प्राधिकरण में तीन सदस्य होंगे तथा इनका 5 वर्ष का तय कार्यकाल होगा। इसके अलावा प्राधिकरण को सम्बन्धित क्षेत्रों से विशेषज्ञों को नियुक्त करने का अधिकार भी होगा।

 रेल विकास प्राधिकरण रेलवे कानून, 1989 (Railway Act, 1989) के प्रावधानों के अंतर्गत कार्य करेगा तथा इसके अधिकार क्षेत्र में आने वाले प्रमुख विषय होंगे – किराया निर्धारण, रेलवे में निवेश, कार्यकुशलता व प्रदर्शन के मानक तैयार करना, सम्बद्ध पक्षों को सूचना का संप्रेक्षण तथा रेलवे में शामिल सभी साझेदारों के लिए अनुकूल माहौल स्थापित करना। प्राधिकरण से जुड़ा एक अहम तथ्य यह होगा कि यह परामर्शदात्री संस्था (recommendatory body) ही रहेगी तथा रेलवे से सम्बन्धित तमाम अहम विषयों पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार रेल मंत्रालय के निहित ही रहेगा।

 प्राधिकरण के अध्यक्ष पद का चुनाव निजी क्षेत्र से किया जा सकेगा तथा इसका चयन कैबिनेट सचिव के नेतृत्व में गठित एक समिति द्वारा किया जायेगा।

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2) वित्तीय वर्ष 2017-18 की पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा (bimonthly policy review) में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 6 अप्रैल 2017 को प्रस्तुत करते हुए रेपो दर (Repo Rate) में कोई परिवर्तन न करते हुए इसे 6.25% पर यथावत रखा। लेकिन वह कौन सी एक मात्र दर है जिसमें इस मौद्रिक नीति समीक्षा में परिवर्तन किया गया है? – रिवर्स रेपो दर (Reverse Repo Rate)

विस्तार: मौद्रिक नीति निर्धारण के लिए गठित भारतीय रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee) के समस्त 6 सदस्यों ने 6 अप्रैल 2017 को प्रस्तुत वर्ष 2017-18 की पहली द्विमासिक नीति समीक्षा (first bimonthly policy review of 2017-18) में जहाँ एकमत से सर्वप्रमुख रेपो दर (Repo Rate) को 6.25% पर यथावत रखने का फैसला लिया वहीं रिवर्स रेपो दर (Reverse Repo Rate – RRR) में 25 आधार अंक (25 bps) की वृद्धि कर इसे 6% करने की घोषणा कर दी। रिवर्स रेपो दर वह दर होती है जो अर्थव्यवस्था से अतिरिक्त तरलता (additional liquidity) को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

 रिवर्स रेपो दर में यह वृद्धि लगभग अप्रत्याशित थी क्योंकि अधिकांश अर्थशास्त्री मान रहे थे अर्थव्यवस्था से तरलता कम करने के लिए RBI संभवत: स्टैण्डिंग डिपॉज़िट फैसिलिटी (Standing Deposit Facility – SDF) का प्रयोग करेगा। उल्लेखनीय है कि SDF व्यवस्था करने का प्रस्ताव RBI के वर्तमान गवर्नर उर्जित पटेल (Urjit Patel) के नेतृत्व में गठित एक मौद्रिक नीति सुधार समिति ने ही जनवरी 2014 में रखा था।

 वहीं आरबीआई ने 2017-18 के दौरान अर्थव्यवस्था की रफ्तार 7.4% रहने की बात अपनी इस समीक्षा में कही।

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3) भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा अप्रैल 2017 के दौरान की गई घोषणा के अनुसार अब नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फण्ड ट्रांसफर (NEFT) के माध्यम से धन को हस्तांतरित (fund transfer) करने की प्रक्रिया तेज हो जायेगी। ऐसा करने के लिए इस माध्यम से धन हस्तांतरित करने के लिए कितनी समयावधि के बैचों (batches) का इस्तेमाल किया जायेगा? – 30 मिनट

विस्तार: उल्लेखनीय है कि अभी तक नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फण्ड ट्रांसफर (National Electronic Funds Transfer – NEFT) के माध्यम से धन को हस्तांतरित करने के लिए एक घण्टे के बैच (1 hour batch) का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन अब इस समयावधि को घटा कर 30 मिनट (यानि आधा घण्टा) किया जा रहा है। इसके चलते NEFT से धन हस्तांतरण की प्रक्रिया तेज हो जायेगी।

 NEFT के माध्यम से ग्राहक अपने धन को एक खाते से दूसरे खाते में आसानी से हस्तांतरित कर सकते हैं तथा इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक हस्तांतरण प्रणाली (electronic payment system) का अनुप्रयोग किया जाता है। इस धन हस्तांतरण प्रणाली का परिचालन व प्रबन्धन RBI द्वारा किया जाता है।

 NEFT के द्वारा जहाँ धन हस्तांतरण का निपटारा (settlement) बैचों में किया जाता है वहीं एक अन्य धन हस्तांतरण प्रणाली रियल टाइम ग्रॉस सेटलेमेण्ट सिस्टम (Real-Time Gross Settlement System – RTGS) में इसे रियल-टाइम (यानि धन हस्तांतरण में लगने वाले वास्तविक समय) में ही किया जाता है। RTGS का परिचालन व प्रबन्धन भी RBI द्वारा किया जाता है।

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4) अमेरिका (United States) के 49वें राज्य अलास्का (Alaska) को अमेरिका द्वारा तत्कालीन रूसी साम्राज्य से खरीदने की कौन सी ऐतिहासिक वर्षगांठ अभी हाल ही में मनाई गई थी? – 150वीं

विस्तार: अलास्का (Alaska) को अमेरिका (U.S.) ने तत्कालीन रूसी साम्राज्य (Russian Empire) से 20 मार्च 1867 को हुई एक संधि के माध्यम से 72 लाख डॉलर ($7.2 million) में खरीदा था। इस प्रकार इस विशाल भू-भाग की कीमत लगभग 2 सेंट प्रति एकड़ के मूल्य पर लगाई गई थी।

 अमेरिका द्वारा अलास्का को खरीदे जाने के बाद इस प्रशासनिक स्थिति में कई बार हुए बदलावों के बाद 11 मई 1912 को इसको अमेरिका के प्रशासन वाले एक क्षेत्र (Territory) का दर्जा मिल गया जबकि 3 जनवरी 1953 को इसको औपचारिक रूप से अमेरिका का 49वें प्रांत घोषित कर दिया गया।

 अब अलास्का क्षेत्रफल के अनुसार अमेरिका का सबसे बड़ा प्रांत है जबकि आबादी के मामले में तीसरा सबसे कम आबादी वाला प्रांत है। हालांकि यह देश का सबसे कम जनसंख्या घनत्व वाला प्रांत है लेकिन प्राकृतिक संसाधनों जैसे पेट्रोलियम, स्वर्ण, मत्स्य संपदा और तमाम खूबसूरत पर्यटन स्थलों के कारण यह देश के सबसे समृद्ध प्रांतों के तौर पर उभरा है।

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http://churugurukul.com/current-affairs-05-06-april-2017