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Current Affairs 07 - 08 December 2016

j-jayalalithaa-2016

1) तमिलनाडु (Tamil Nadu) की मुख्यमंत्री जे. जयललिता (J. Jayalalithaa) का 5 दिसम्बर 2016 को देर रात चेन्नई (Chennai) के अपोलो अस्पताल में निधन हो गया। इस अस्पताल में उन्होंने पिछले 74 दिन तक जीवन के लिए संघर्ष किया था। जयललिता ने तमिलानाडु की मुख्यमंत्री की कमान 6 बार संभाली थी। वे पहली बार कब राज्य की मुख्यमंत्री बनी थीं? – 1991 में

विस्तार: जयललिता को भारत की राजनीति में कुछ सबसे लोकप्रिय व कुशल राजनीतिज्ञों में शामिल किया जाता है। वे 1960 व 1970 के दशक की की बेहद लोकप्रिय फिल्म अभिनेत्री थीं। उन्होंने मुख्यमंत्री तथा पूर्व अभिनेता एम.जी. रामचन्द्रन (M.G. Ramachandran – MGR) की छत्रछाया में जून 1982 में राजनीति में प्रवेश किया। अन्नाद्रमुक (AIADMK) के संस्थापक रामचन्द्रन के साथ उन्होंने 28 फिल्मों में काम किया था। वे अपने राजनीतिक जीवन में तमाम बाधाओं को पार करते हुए तमिल राजनीति के साथ-साथ देश की राजनीति में सर्वोच्च मुकाम पर पहुँची थी।

 1991 में वे पहली बार राज्य की मुख्यमंत्री बनी थीं जब कांग्रेस के साथ गठजोड़ कर अन्नाद्रमुक गठबन्धन ने तमिलनाडु विधानसभा में 234 में से 225 सीटें जीती थीं।

 उनका दूसरा कार्यकाल 2001 में अन्नाद्रमुक की एक और शानदार जीत के चलते शुरू हुआ। लेकिन इसी साल सर्वोच्च न्यायालय के उनके खिलाफ आए एक फैसले के कारण उन्हें पद छोड़ना पड़ा। वे 2003 में बरी होने के बाद तीसरी बार मुख्यमंत्री बनीं। उनका चौथा कार्यकाल 2011 में शुरू हुआ जब अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाले 13 पार्टियों के गठबन्धन ने चुनाव जीता। लेकिन वर्ष 2014 में उन्हें एक बार फिर अपना पद तब छोड़ना पड़ा था जब आय से अधिक सम्पत्ति मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें 4 वर्ष की सजा सुनाई। लेकिन बाद में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इस मामले में बरी किए जाने के बाद 2015 में उन्होंने अपना पाँचवां कार्यकाल शुरू किया।

 उनका छठवाँ और अंतिम कार्यकाल मई 2016 में शुरू हुआ जब उनकी पार्टी ने एक ऐतिहासिक जीत हासिल की। इसी के साथ ही वे लगातार दो कार्यकाल तक मुख्यमंत्री बनने वाली एम.जी. रामचन्द्रन के बाद दूसरी हस्ती बन गईं।

 6 दिसम्बर 2016 को चेन्नई के मरीना बीच (Marina Beach) पर अपार जनसमूह के बीच उनका अंतिम संस्कार उनको दफना कर किया गया। उनको अपने राजनीतिक गुरू एम.जी. रामचन्द्रन की कब्र के पास ही दफनाया गया।

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2) मुख्यमंत्री जयललिता के निधन के बाद किसे 6 दिसम्बर 2016 को तमिलनाडु (Tamil Nadu) का अगला मुख्यमंत्री (Chief Minister) बनाया गया? – ओ. पन्नीरसेल्वम (O. Panneerselvam)

विस्तार: अन्नाद्रमुक (AIADMK) के वरिष्ठ नेता ओ. पन्नीरसेल्वम (O. Panneerselvam) 6 दिसम्बर 2016 को तमिलनाडु के 20वें मुख्यमंत्री बन गए। उन्हें जयललिता के निधन के कुछ ही समय बाद मुख्यमंत्री की शपथ दिलाई गई। उल्लेखनीय है कि उन्हें जयललिता का बेहद करीबी माना जाता है तथा अस्पताल में भर्ती होने के बाद जब जयललिता अपना काम-काज करने में असक्षम हो गई थीं तब उन्हें ही राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था देखने के लिए अंतरिम मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

 वैसे ओ. पन्नीरसेल्वम ने तीसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री की शपथ ली है। इससे पहले उन्होंने दो बार यह जिम्मेदारी वर्ष 2001 और 2014 में तब संभाली थी जब जयललिता को भ्रष्टाचार के मामले में दोषी पाए जाने के बाद अपना पद छोड़ना पड़ा था।

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3) इटली (Italy) के प्रधानमंत्री (Prime Minister) मेटियो रेंजी (Matteo Renzi) ने 5 दिसम्बर 2016 को क्यों अपने पद से इस्तीफा दे दिया? – क्योंकि उनके द्वारा आहूत संवैधानिक संशोधन सम्बन्धी जनमत-संग्रह में देश की जनता ने उनका साथ नहीं दिया

विस्तार: इटली में एक संवैधानिक जनमत संग्रह (Constitutional Referendum) का आयोजन 4 दिसम्बर 2016 को किया गया था। इसमें देश के मतदाताओं को एक संवैधानिक कानून को पारित करने के लिए अपनी सहमति देने को कहा गया था जिससे देश के संविधान में संशोधन कर देश की संसद की शक्तियों में इजाफा करना प्रस्तावित था। इस जनमत संग्रह में जीत दर्ज करना रेंजी के लिए बेहद प्रतिष्ठा का प्रश्न बना हुआ था।

 लेकिन जनमत संग्रह के रुझानों से ही पता चल गया था कि इटैलियन जनता इसे अपनी स्वीकृति प्रदान नहीं करेगी। यह जाहिर होते ही रेंजी ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। और जब परिणाम आए तो यह स्पष्ट भी हो गया क्योंकि 59.11% मतदाताओं ने इसे अस्वीकार करने के पक्ष में मतदान किया। विपक्षी पार्टियों ने इस विधेयक का कड़ा विरोध किया था और कहा था कि इसको बेहद खराब तरीके से तैयार किया गया है और इससे सरकार को अत्यधिक शक्ति हासिल हो जायेगी।

 इस जनमत संग्रह के परिणाम से इटली की अप्रवासी-विरोधी (anti-immigrant) नॉर्थर्न लीग (Northern League) पार्टी की शक्ति में वृद्धि हुई है। यह पार्टी फ्रांस के घोर दक्षिणपंथी नेता मारी ले पेन (Marine Le Pen) की सहयोगी है। नॉर्थर्न लीग ने अब देश में जल्द चुनाव कराने का आह्वान किया है।

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4) दिसम्बर 2016 के दौरान वित्त मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार सितम्बर 2016 के दौरान भारत को हासिल होने वाले प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) ने कौन सा अहम आंकड़ा पार कर लिया है? – 300 अरब डॉलर ($300 billion)

विस्तार: अप्रैल 2000 से सितम्बर 2016 के बीच भारत को विदेशों से हासिल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (Foreign direct investment – FDI) 300 अरब डॉलर ($300 billion) का आंकड़ा पार कर गया है। यह जानकारी वित्त मंत्रालय द्वारा दिसम्बर 2016 के दौरान आंकड़ों से जाहिर हुआ है। इस समयावधि के दौरान भारत को हासिल हुआ कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 310.26 अरब डॉलर रहा।

 भारत के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश ने ऐसे समय में 300 अरब डॉलर का स्तर पार किया है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रही है। इसी के साथ वर्तमान वित्तीय वर्ष (2016-17) के दौरान भारत के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में कमी आने की भी संभावना है।

 इस कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में लगभग 33% निवेश मॉरीशस (Mauritius) के माध्यम से हुआ है। ऐसा इसलिए हुआ है कि मॉरीशस के साथ भारत की डबल टैक्स एवॉयडेंस संधि (double taxation avoidance treaty) के चलते निवेशक इसका कर लाभ (tax benefit) हासिल करने को आतुर थे। आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2000 से सितम्बर 2016 के बीच मॉरीशस से 101.76 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश हासिल हुआ था।

 इसके बाद सिंगापुर, अमेरिका, ब्रिटेन तथा नीदरलैण्ड्स का स्थान है।

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5) 6 दिसम्बर 2016 को देश के अगले मुख्य न्यायाधीश (New Chief Justice of India) के रूप में किसका चयन करने की घोषणा केन्द्र सरकार ने की? – न्यायमूर्ति जे.एस. खेहर (Justice J.S. Khehar)

विस्तार: न्यायमूर्ति जगदीश सिंह खेहर भारत के सर्वोच्च न्यायालय के अगले मुख्य न्यायाधीश होंगे। इनकी नियुक्ति को केन्द्र सरकार ने अपनी स्वीकृति प्रदान करने की घोषणा 6 दिसम्बर 2016 को की। उन्हें 4 जनवरी 2017 को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलायेंगे तथा वे न्यायमूर्ति टी.एस. ठाकुर (Chief Justice T.S. Thakur) का स्थान लेंगे।

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http://www.churugurukul.com/current-affairs-05-06-december-2016