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Current Affairs 07 -08 June 2017

1) भारत ने अंतरिक्ष प्रौद्यौगिकी के क्षेत्र में एक नया इतिहास 5 जून 2017 को तब रचा जब देश के सबसे भारी-भरकम रॉकेट जीएसएलवी मार्क-तीन डी-1 (GSLV MK-III D-1) अपने साथ एक भारी-भरकम उपग्रह को लेकर सफलतापूर्वक प्रक्षेपित कर दिया गया। 3136 किलो वजन का देश का अब तक का यह सबसे भारी उपग्रह कौन सा है? – जीसैट-19 (GSAT-19)

विस्तार: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने एक बड़ा ऐतिहासिक मुकाम उस समय हासिल किया जब उसने भारी क्षमता वाले प्रक्षेपण यान की श्रृंखला के पहले रॉकेट जीएसएलवी मार्क-तीन डी-1 (GSLV MK-III D-1) को 5 जून 2017 को आन्ध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र से सफलतापूर्वक प्रक्षेपित कर दिया। इस रॉकेट के साथ देश के अब तक के सबसे भारी उपग्रह जीसैट-19 (GSAT-19) को भेजा गया जिसका वजन 3,136 किलोग्राम है।

 यह प्रक्षेपण अपने नियत समय सायं 5:28 बजे किया गया तथा इसके माध्यम से जीसैट-19 को अपनी तय कक्षा में स्थापित कर दिया गया। इस सफल प्रक्षेपण ने भारत को भविष्य 4 टन भार तक के उपग्रहों को प्रक्षेपित करने की क्षमता प्रदान कर दी। उल्लेखनीय है कि इसरो (ISRO) अभी तक भारी उपग्रहों को प्रक्षेपित करने के लिए विदेशी एजेंसियों का सहारा लेता रहा है तथा इनमें से प्रमुख है यूरोपीय स्पेस एजेंसी (ESA) जिसके फ्रेंच गुयाना (French Guiana) स्थित प्रक्षेपण केन्द्र से तमाम ऐसे प्रक्षेपण किए गए हैं।

 इस प्रक्षेपण की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि इसके लिए एक पूर्णतया स्वदेशी क्रायोजेनिक इंजन (cryogenic engine) का इस्तेमाल किया गया जोकि तीसरे चरण में फायर हुआ तथा तय योजना के अनुसार बंद होकर उपग्रह को अपनी अपेक्षित कक्षा में स्थापित करने में सफल हुआ। इससे पहले के GSLV के यानों में भी स्वदेशी क्रायोजेनिक इंजन इस्तेमाल होते थे लेकिन ये सभी रूसी डिज़ाइन पर आधारित होते थे।

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2) एक बड़ा राजनयिक संकट उस समय खड़ा हो गया जब 6 अरब देशों ने 5 जून 2017 को कतर (Qatar) द्वारा आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोप में उससे अपने राजनयिक सम्बन्ध समाप्त करने की घोषणा कर दी। इस घटनाक्रम में शामिल ये 4 अरब देश कौन से हैं? – बहरीन, मिस्र, लीबिया, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और यमन

विस्तार: एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में बहरीन (Bahrain), मिस्र (Egypt), लीबिया (Libya), सऊदी अरब (Saudi Arabia), संयुक्त अरब अमीरात (United Arab Emirates) और यमन ने 5 जून 2017 को कतर (Qatar) से अपने राजनयिक सम्बन्ध (diplomatic relations) समाप्त करने की घोषणा कर दी। कतर पर यह आरोप लगाया गया है कि वह आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। इस घोषणा की पहल करते हुए कतर के शक्तिशाली पड़ोसी देश सऊदी अरब ने कहा कि वह कतर से अपने राजनयिक सम्बन्ध समाप्त कर रहा है ताकि देश की आतंकवाद तथा चरमपंथ से सुरक्षा की जा सके। बहरीन, मिस्र और संयुक्त अरब अमीरात ने भी इसी प्रकार की घोषणाएं कीं। बाद में लीबिया और यमन भी इस समूह में शामिल हो गए तथा उन्होंने कतर से राजनीतिक सम्बन्ध समाप्त करने का समर्थन किया।

 वहीं दूसरी ओर यमन में विद्रोहियों से पिछले दो वर्षों में सऊदी अरब के नेतृत्व में मोर्चा ले रहे गठबन्धन ने भी घोषणा कर दी कि वे कतर को इस गठबन्धन से बाहर कर रहे हैं क्योंकि वह अल-कायदा (Al-Qaida) व इस्लामिक स्टेट (IS) जैसे संगठनों की मदद कर रहा है।

 उल्लेखनीय है कि आतंकवाद को प्रायोजित करने के आरोप कतर पर पहले भी लगते रहे हैं। पिछले कुछ सप्ताहों में अमेरिकी मीडिया में ऐसी रिपोर्टें छपी हैं कि कतर आतंकी संगठनों का वित्त-पोषण कर रहा है। वर्ष 2022 के फुटबॉल विश्व कप (2022 FIFA World Cup) का आयोजन करने वाला कतर अमेरिका के नेतृत्व वाले उस गठबन्धन में भी शामिल है जो इस्लामिक स्टेट के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है।

 लेकिन कतर ने इस समस्त आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि इन चार अरब देशों के आरोप बेबुनियाद हैं तथा इसके द्वारा कतर पर राजनीतिक दबाव बढ़ाया जा रहा है।

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3) कौन सा रेलवे स्टेशन भारतीय रेलवे का पहला निजी रेलवे स्टेशन (India’s first private station) बनने की दिशा में अग्रसर है क्योंकि इसके संचालन तथा रखरखाव की जिम्मेदारी एक निजी उपक्रम को प्रदान की गई है? – हबीबगंज (भोपाल)

विस्तार: भोपल का उपनगरीय रेलवे स्टेशन हबीबगंज (Habibganj) देश का पहला ऐसा रेलवे स्टेशन होगा जिसके संचालन (operation) तथा रखरखाव (maintenance) की जिम्मेदारी एक निजी उपक्रम को प्रदान की जायेगी। सार्वजनिक-निजी भागीदारी (public-private partnership – PPP) के तहत नए सिरे से विकसित किए जा रहे इस स्टेशन का नाम भारतीय रेल के इतिहास में लिखा जाना अब लगभग तय लग रहा है।

 हबीबगंज के संचालन तथा रखरखाव के लिए भोपाल स्थित बंसल समूह (Bansal Group) के साथ आठ वर्ष की अवधि के लिए करार हुआ है। इसके अलावा इस समूह को 45-वर्ष के पट्टे पर 4 भूमि पार्सल भी दिए गए हैं। 1979 में खोले गए इस स्टेशन के पुनरोद्धार के लिए 100 करोड़ रुपए बंसल समूह द्वारा निवेशित किए जायेंगे। वहीं 17,245 वर्ग मीटर के चार वाणिज्यिक भूमि पार्सलों के विकास के लिए समूह 350 करोड़ रुपए का निवेश करेगा।

 योजना के तहत हबीबगंज स्टेशन को विश्व स्तर के आवागमन हब के तौर पर विकसित किया जायेगा तथा इसमें शॉपिंग, पर्याप्त पार्किंग एरिया, फूड कोर्ट, विदेशी विनिमय कियोस्क तथा यात्रियों के लिए तमाम प्रकार की अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेंगी।

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4) अपनी राजधानी (Rajdhani Express) तथा शताब्दी एक्सप्रेस (Shatabdi Express) रेलगाड़ियों के उन्नयन (Upgradation) के लिए भारतीय रेलवे (Indian Railway) द्वारा तैयार की गई नई परियोजना का क्या नाम है? – (“ऑपरेशन स्वर्ण”)

विस्तार: “ऑपरेशन स्वर्ण” (‘Operation Swarn’) भारतीय रेलवे (Indian Railway) द्वारा तैयार की गई उस नई परियोजना का नाम है जिसके तहत उसकी सबसे देश की दो सबसे प्रतिष्ठित यात्री रेलगाड़ियों – राजधानी एक्सप्रेस और शताब्दी एक्सप्रेस के उन्नयन का काम किया जायेगा।

 रेल मंत्रालय ने उन 10 मुख्य बिन्दुओं को चिह्नित किया है जिनपर काम किया जायेगा। इनमें शामिल हैं – रेलगाड़ियों की स्वच्छता, साफ बिस्तर, डिब्बों के इंटीरियर्स पर ध्यान, बेहतर टॉयलट एवं कैटरिंग। इसके अलावा वाई-फाई सुविधा, कॉफी वेण्डिंग मशीन तथा इन्फोटेनमेण्ट स्क्रीन को भी इस उन्नयन परियोजना के तहत लगाया जायेगा।

 “ऑपरेशन स्वर्ण” के तहत प्रारंभ में दो रेलगाड़ियों – मुम्बई-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस और मुम्बई-अहमदाबाद शताब्दी एक्सप्रेस का उन्नयन किया जायेगा। योजना के तहत प्रत्येक राजधानी तथा शताब्दी एक्सप्रेस पर 50 लाख रुपए का खर्च किया जायेगा।

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5) किस बैंक ने 6 जून 2017 को क्वालीफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेण्ट (Qualified Institutional Placement – QIP) के द्वारा लगभग 15,000 करोड़ रुपए बाजार से हासिल किए, जोकि देश का अब तक का सबसे बड़ा क्वालीफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेण्ट (QIP) ऑफर था? – भारतीय स्टेट बैंक

विस्तार: देश के सबसे बड़े वाणिज्यिक बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने संस्थागत निवेशकों (institutional investors) से लगभग 15,000 करोड़ रुपए एक क्वालीफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेण्ट (QIP) के द्वारा हासिल किए हैं। इसमें घरेलू तथा विदेशी दोनों प्रकार के संस्थागत निवेशक शामिल थे। 6 जून 2017 को समाप्त हुआ यह देश का अब तक का सबसे बड़ा QIP था। इससे पहला सबसे बड़ा QIP एसबीआई द्वारा ही जनवरी 2014 में लाया गया था।

 इस ऑफर से हासिल धन के द्वारा SBI ने बेसल-तीन (Basel-III) मानकों के तहत अपनी पूँजी पर्याप्तता (capital adequacy) को सुधारने की तरफ कदम बढ़ाया है। भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने इस ऑफर के तहत जारी लगभग 50% शेयर खरीदे हैं।

 उल्लेखनीय है कि QIP एक ऐसी व्यवस्था है जिसके तहत एक सूचीबद्ध कम्पनी कुछ चुनिंदा संस्थागत निवेशकों के समूह को इक्विटी शेयर तथा कुछ अन्य प्रकार की प्रतिभूतियाँ जारी कर सकती है।

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