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Current Affairs 07 - 08 March 2017

1) भारतीय नौसेना के सुप्रसिद्ध विमानवाहक पोत आईएनएस विराट (INS Viraat) को लगभग 30 साल लम्बी शानदार सेवा के बाद 6 मार्च 2017 को सेवा से बाहर कर दिया गया। देश के इस दूसरे विमानवाहक पोत को ब्रिटिश रॉयल नौसेना से लिया गया था। इस पोत का प्रारंभिक नाम क्या था? – एचएमएस हर्म्स (HMS Hermes)

विस्तार: आईएनएस विराट (INS Viraat) को भारतीय नौसेना (Indian Navy) में शामिल किए जाने से पूर्व 1959 में “एचएमएस हर्म्स” (HMS Hermes) के नाम से ब्रिटिश रॉयल नौसेना (British Royal Navy) में शामिल किया गया था। इसने अर्जेन्टीना युद्ध समेत तमाम ऑपरेशन्स में भूमिका निभाई थी। बाद में 80 के दशक में ब्रिटिश नौसेना से इसे सेवानिवृत्त किए जाने के बाद भारत ने इसे लगभग 6.5 करोड़ डॉलर मूल्य पर खरीद लिया था और इसमें तमाम फेरबदल कर इसे 12 मई 1987 को भारतीय नौसेना में विधिवत शामिल कर लिया गया था।

 वर्ष 2013 में रूस से आईएनएस विक्रमादित्य – INS Vikramaditya (वास्तविक नाम एडमिरल गोर्शकोव) खरीदे जाने तक यह नौसेना का सर्वप्रमुख विमानवाहक पोत था। 23 जुलाई 2016 को यह अंतिम बार अपनी स्वयं की इंजन शक्ति से चल कर मुम्बई से कोच्चि (Kochi) रवाना कर दिया गया था जहाँ इसके समस्त यंत्रों को निकालकर इसकी सेवानिवृत्ति की तैयारी शुरू की गई थी।

 जब 6 मार्च 2017 को इसे औपचारिक रूप से सेवानिवृत्त किया गया तो यह दुनिया में सबसे लम्बे समय तक सेवा देने वाला विमानवाहक पोत था। यह आईएनएस विक्रांत (INS Vikrant) के बाद सेवानिवृत्त किया गया देश का दूसरा विमानवाहक पोत है।

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2) भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने बचत खाताधारकों (saving account holders) द्वारा अपने खातों में न्यूनतम बैलेंस (minimum balance) न रखे जाने की स्थिति में भारी जुर्माना लगाने की घोषणा 6 मार्च 2017 को की। इसके साथ ही बैंक ने न्यूनतम बैलेंस के लिए नए मानक भी घोषित कर दिए। इस घोषणा के अनुसार विभिन्न स्थानों के लिए तय नए न्यूनतम बैलेंस मानक क्या हैं? – रु. 5,000 (6 मेट्रो शहरों की शाखाओं के लिए), रु. 3,000 (अन्य शहरी क्षेत्रों की शाखाओं के लिए), रु. 2,000 (उप-शहरी क्षेत्रों की शाखाओं के लिए) और रु. 1,000 (ग्रामीण क्षेत्रों की शाखाओं के लिए)

विस्तार: देश के सबसे बड़े वाणिज्यिक बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने नए न्यूनतम बैलेंस मानकों के तहत देश के समूचे बैंकिंग शाखा क्षेत्र को चार श्रेणियों में बाँट दिया है – मेट्रो क्षेत्र, शहरी-क्षेत्र, उप-शहरी क्षेत्र और ग्रामीण क्षेत्र। उसने घोषणा की है कि नए वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल 2017) से न्यूनतम बैलेंस के नए मानकों को लागू किया जायेगा।

 घोषणा के तहत SBI तथा उसके 5 सहयोगी बैंकों (जिनका विलय एसबीआई में 1 अप्रैल 2017 से लागू हो जायेगा) के बचत खाताधारकों को न्यूनतम बैलेंस न रखने पर 20 रुपए से 100 रुपए तक जुर्माना लगाया जायेगा।

 देश के 6 मेट्रो शहरों (metro cities) में न्यूनतम बैलेंस का मानक रु. 5,000 होगा तथा बैलेंस कम होने पर न्यूनतम 50 रुपए से अधिकतम 100 रुपए तक जुर्माना लगाया जायेगा। वहीं अन्य शहरी क्षेत्रों (urban areas) में रु. 3,000 तथा उप-शहरी क्षेत्रों (sub-urban areas) में रु. 2,000 का न्यूनतम बैलेंस तय किया गया है।

 ग्रामीण क्षेत्र की SBI शाखाओं के खाताधारकों को रु. 1,000 का न्यूनतम बैलेंस रखना होगा तथा ऐसा न होने की स्थिति में 20 से 50 रुपए तक जुर्माना वसूला जायेगा।

 उल्लेखनीय है कि अभी तक बिना चैक सुविधा वाले खातों के लिए रु. 500 और चैक सुविधा वाले खाताधारकों के लिए 1,000 रुपए न्यूनतम बैलेंस रखने का नियम था।

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3) एयर इण्डिया (Air India) ने मार्च 2017 के दौरान दावा किया कि वह दुनिया की ऐसी पहली एयरलाइन बनी है जिसकी पूर्ण महिला क्रू सदस्यों द्वारा संचालित उड़ान सेवा ने पूरी दुनिया का चक्कर लगाने में सफलता हासिल की है। इस ऐतिहासिक उड़ान के लिए इस दल द्वारा अपनाया गया मार्ग क्या था? – नई दिल्ली (New Delhi) से सैन-फ्रांसिस्को (San Francisco)

विस्तार: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के ठीक पहले महिला दल द्वारा उड्डयन क्षेत्र में नया इतिहास रचने की मंशा से एयर इण्डिया (Air India) ने इस ऐतिहासिक उड़ान का संचालन किया था। इसके तहत को 27 फरवरी 2017 को नई दिल्ली (New Delhi) स्थित इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से अमेरिका के सैन-फ्रांसिस्को (San Francisco) शहर की नॉन-स्टॉप उड़ान के लिए रवाना किया गया। फिर इसी विमान ने अपनी वापसी उड़ान में सैन-फ्रांसिस्को से नई दिल्ली की उड़ान में दूसरा मार्ग अपनाते हुए पूरी पृथ्वी का चक्कर लगाने में सफलता हासिल की। वापसी वाली उड़ान 3 मार्च 2017 को नई दिल्ली में उतरी।

 इस उड़ान के लिए बोइंग विमान ने दिल्ली से सैन-फ्रांसिस्को की उड़ान (फ्लाइट संख्या AI 173) में प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) के मार्ग का प्रयोग किया जबकि अपनी वापसी की सैन-फ्रांसिस्को से नई दिल्ली की उड़ान (फ्लाइट संख्या AI 174) में उसने एटलांटिक महासागर (Atlantic Ocean) के मार्ग को अपनाया ताकि पूरी पृथ्वी का चक्कर लग जाए।

 इस उड़ान की खास बात यह रही कि इसमें चालक दल व क्रू-सदस्यों के अलावा चैक-इन स्टाफ, ग्राउण्ड हैण्डलिंग स्टाफ तथा इंजीनियरिंग स्टाफ में भी पूर्णतया महिलाएं शामिल थी। चालक दल में शामिल महिला पायलट थे – कैप्टन सुनीता नरूला, कैप्टन क्षमा बाजपेयी, कैप्टन इंदिरा सिंह और कैप्टन गुंजन अग्रवाल। वहीं क्रू-दल का नेतृत्व सुश्री सीमा बाबरवाल और सुश्री निश्रीन बंदुलवाला ने किया।

 इस ऐतिहासिक को रिकॉर्ड पुस्तकों में दर्ज करने के लिए एयर इण्डिया ने गिनीज़ बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में आवेदन कर दिया है।

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4) अपने समय के प्रमुख समाजवादी नेता व पूर्व लोकसभा अध्यक्ष रबि राय (Rabi Ray) का 6 मार्च 2017 को 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे किस वर्ष लोकसभा अध्यक्ष (Loksabha Speaker) बनाए गए थे जब देश में पहली बार त्रिशंकु संसद का दौर शुरू हुआ था? – 1989 में

विस्तार: रबि राय अपने समय के प्रमुख समाजावादी नेता, पूर्व केन्द्रीय मंत्री तथा लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष थे। 6 मार्च 2017 को लम्बी बीमारी के बाद 90 वर्ष की आयु में ओडीशा के कटक (Cuttack) में उनका निधन हो गया।

 राम मनोहर लोहिया से प्रभावित होकर उन्होंने 1956 में ओडीशा में सोशलिस्ट पार्टी (Socialist Party) की स्थापना की थी। 1960 में वे इसके राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किए गए थे। वे पहली बार लोकसभा के लिए वर्ष 1967 में पुरी (Puri) सीट से चुने गए थे।

 वहीं 1974 में उन्हें ओडीशा से राज्यसभा के लिए चुना गया था तथा 1977 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई की सरकार में उन्हें केन्द्रीय मंत्री बनाया गया था।

 1989 में वे नौंवी लोकसभा के लिए जनता दल (JD) की टिकट से ओडीशा की ही केन्द्रपाडा (Kendrapara) सीट से चुने गए थे। उस समय भारी राजनीतिक गतिरोध चल रहा था क्योंकि देश में पहली बार त्रिशंकु लोकसभा (Hung Loksabha) सामने आई थी। ऐसी विकट स्थिति में उन्हें लोकसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

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http://churugurukul.com/current-affairs-05-06-march-2017