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Current Affairs 09 - 10 February 2017

1) भारतीय रेल (Indian Railway) ने रेलवे स्टेशनों के दुनिया के सबसे बड़े पुनर्विकास कार्यक्रम के प्रथम चरण को 8 फरवरी 2017 से शुरू कर दिया। इस महात्वाकांक्षी कार्यक्रम के इस पहले चरण में देश के कुल कितने रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जायेगा? – 23

विस्तार: भारतीय रेल का चेहरा बदलने के बड़े प्रयास के तहत रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने 8 फरवरी 2017 को स्टेशन रिडेवलपमेण्ट प्रोग्राम (Station Redevelopment Programme – SRP) नामक एक वृहद प्रयास के प्रथम चरण का उद्घाटन किया। इस पहले चरण में देश के कुल 23 रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प किया जायेगा।

 उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम विश्व का अब तक का सबसे बड़ा स्टेशन पुनर्विकास कार्यक्रम (world’s largest station redevolepment programme) है तथा इसके तहत देश भर के 400 स्टेशनों का विकास बिल्कुल नए सिरे से किया जायेगा। वे कुछ स्टेशन जिनका पुनर्विकास इसके तहत किया जायेगा, हैं – चेन्नई सेण्ट्रल, राँची, उदयपुर सिटी, इन्दौर, यशवंतपुर, बेंगलुरू कैण्ट, विशाखापट्टनम, हावड़ा, कामख्या, फ़रीदाबाद, जम्मू-तवी, सिकंदराबाद, विजयवाडा, कोझीकोड और भोपाल। इन स्टेशनों के विकास के लिए रेलवे निजी डेवलपर्स को लगभग 140 एकड़ अतिक्रमण-रहित भूमि (encroachment free land) 45 वर्ष के पट्टे (lease) पर उपलब्ध करायेगी।

 इस पुनर्विकास कार्यक्रम का रणनीतिक सलाहकार (strategic advisor) बॉस्टन कन्सलटेंसी ग्रुप (BCG) को नियुक्त किया गया है। इस पुनर्विकास कार्यक्रम के तहत स्टेशनों का कायाकल्प किया जायेगा व अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जायेगा – एस्केलेटर्स, डिज़िटल साइनेज, सेल्फ-टिकेटिंग काउण्टर्स, एक्ज़ीक्यूटिव लाउंज, लगेज स्क्रीनिंग मशीन्स, वॉक-अवेज़, नि:शुल्क वाईफाई, आदि।

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2) देश के न्यायिक इतिहास में 8 फरवरी 2017 को एक नया अध्याय लिखा गया जब सर्वोच्च न्यायालय के सात न्यायाधीशों की पीठ ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के एक सेवारत न्यायाधीश के खिलाफ न्यायालय की अवमानना के मामले की सुनवाई  (Contempt proceedings) शुरू की। यह पहला मौका है जब किसी उच्च न्यायालय के सेवारत न्यायाधीश के खिलाफ यह कार्रवाई शुरू की जा रही हो। इस मामले से जुड़ा यह न्यायाधीश कौन है? – न्यायमूर्ति सी.एस. कर्णन

विस्तार: न्यायमूर्ति सी.एस. कर्णन, (Justice C.S. Karnan) जोकि कलकत्ता उच्च न्यायालय (Calcutta High Court) में सेवारत न्यायाधीश हैं, 8 फरवरी 2017 को उस समय चर्चा में आ गए जब भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जे.एस. खेहर (Justice J.S. Khehar) की अध्यक्षता में सात वरिष्ठ न्यायाधीशों की एक पीठ ने उनके खिलाफ न्यायालय की अवमानना के मामले की सुनवाई (contempt proceedings) शुरू कर दी। उच्च न्यायालय के किसी सेवारत न्यायाधीश के खिलाफ इस प्रकार की कार्रवाई पहली बार शुरू हुई है। अवमानना कार्रवाई शुरू करने के पीछे मुख्य कारण न्यायमूर्ति सी.एस. कर्णन द्वारा मद्रास उच्च न्यायालय (Madras High Court) के मुख्य न्यायाधीश तथा अन्य न्यायाधीशों के खिलाफ लगातार अभद्र टिप्पणियाँ करना है।

 उल्लेखनीय है कि न्यायमूर्ति कर्णन जब मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे तब उन्हें सर्वोच्च न्यायालय के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश टी.एस. ठाकुर ने एक बार बुला कर कड़ी चेतावनी दी थी कि वे मद्रास उच्च न्यायालय के मुख्य तथा अन्य न्यायाधीशों के खिलाफ अमर्यादित व जातिवादी टिप्पणियाँ करने से बाज आएं।

 फरवरी 2016 में न्यायमूर्ति कर्णन ने न्यायापालिका के ढांचे को लगभग पलटते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय में अपने स्थानांतरण को स्वयं ही रोकने का आदेश जारी कर दिया था। इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय को उनकी शक्तियाँ घटाने का आदेश देना पड़ा था।

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3) केन्द्र सरकार ने फरवरी 2017 के दौरान किस निजी उपक्रम में अपनी 2% हिस्सेदारी बेच कर लगभग 6,700 करोड़ रुपए हासिल किए? – आईटीसी (ITC)

विस्तार: कुछ प्रमुख वित्तीय समाचारपत्रों में 7 फरवरी 2017 को प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार भारत सरकार ने फरवरी 2017 के दौरान निजी क्षेत्र की प्रमुख उपभोक्ता उत्पाद व सिगरेट निर्माता कम्पनी आईटीसी (ITC Limited) में अपनी 2% हिस्सेदारी बेच कर लगभग 6,700 करोड़ रुपए हासिल किए हैं।

 इस हिस्सेदारी को सार्वजनिक क्षेत्र की वित्तीय निवेश इकाई स्पेसीफाइड अण्डरटेकिंग ऑफ यूनिट ट्रस्ट ऑफ इण्डिया (Specified Undertaking of Unit Trust of India – SUUTI) के द्वारा बेचा गया, जिसकी दिसम्बर 2016 के अंत में ITC में 11.12% की हिस्सेदारी थी। वहीं इस 2% हिस्सेदारी को भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने खरीदा। उल्लेखनीय है कि LIC अधिकांशत: सरकारी विनिवेश में भारी मात्रा में निवेश करती आई है।

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4) कौन सा राज्य कैबिनेट मंत्रियों की कैबिनेट बैठक के लिए तैयार ई-कैबिनेट सॉल्यूशन (e-Cabinet solution) को अपनाने वाला देश का पहला पूर्वोत्तर राज्य 7 फरवरी 2017 को बन गया? – अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh)

विस्तार: राज्य कैबिनेट बैठकों को कार्यकुशल तथा आसान बनाने के लिए विकसित ई-कैबिनेट सॉल्यूशन एक बेव-आधारित सॉफ्टवेयर प्रणाली है जिसका विकास एवं क्रियान्वयन आईटी एवं दूरसंचार विभाग (Department of Information Technology and Communication) ने किया है। इसका इस्तेमाल कर कैबिनेट बैठक के पूर्व ही सभी कैबिनेट सदस्यों को बैठक से सम्बन्धित एजेण्डा तथा नोट्स उपलब्ध कराए जा सकते हैं। इससे कैबिनेट बैठक में सदस्यों का ध्यान महत्वपूर्ण निर्णय को लेने पर केन्द्रित रहेगा ना कि एजेण्डा तथा अन्य विषयवस्तु को समझने पर।

 एक बार अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) में ई-कैबिनेट सॉल्यूशन को पूरी तरह से अपना लिया जायेगा तो कैबिनेट बैठक के औसत समय को वर्तमान 4 से 5 घण्टे से घटाकर मात्र 30 से 90 मिनट किया जा सकेगा। इसके अलावा इससे हजारों पृष्ठों के मुद्रण का खर्च भी बचेगा क्योंकि मंत्रियों को उनके लैपटॉप-टैबलेट कम्प्यूटर पर समस्त जानकारियाँ उपलब्ध करना संभव हो जायेगा।

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5) कतर एयरवेज़ (Qatar Airways) ने 6 फरवरी 2017 को दुनिया की सबसे लम्बी दूरी की नियमित यात्री उड़ान (फ्लाइट) शुरू करते हुए इस उड़ान के द्वारा लगभग 17 घण्टे में 14,535 किमी. की दूरी तय की। यह उड़ान सेवा किन दो शहरों को जोड़ती है? – दोहा से ऑकलैण्ड

विस्तार: कतर एयरवेज़ की फ्लाइट संख्या QR920 जब दोहा (Doha) से उड़कर 14,535 किमी. की दूरी तय कर न्यूज़ीलैण्ड (New Zealand) के शहर ऑकलैण्ड (Auckland) में 6 फरवरी 2017 को तड़के पहुँची तो यह दुनिया की सबसे लम्बी नॉनस्टॉप यात्री विमान सेवा बन गई थी।

 इससे पहले सबसे लम्बी उड़ान सेवा का कीर्तिमान कतर एयरवेज़ की प्रतिद्वन्दी एमिरेट्स (Emirates) के नाम था जिसकी दुबई (Dubai) से ऑकलैण्ड (Auckland) की फ्लाइट सबसे लम्बी फ्लाइट सेवा थी। उस सेवा की दूरी कतर एयरवेज़ की इस नई सेवा से लगभग 300 किमी. कम थी।

 उल्लेखनीय है इस नई सेवा में बोइंग 777-200LR विमान से दोहा से कतर जाते समय 16 घण्टे 20 मिनट का समय लगेगा जबकि वापसी में विपरीत हवाओं के कारण 17 घण्टे 30 मिनट का समय लगेगा।

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