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Current Affairs 09 - 10 June 2017

1) भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee – MPC) ने 7 जून 2017 को प्रस्तुत वर्ष 2017-18 की दूसरी द्वि-मासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर समेत लगभग सभी प्रमुख बैंक दरों को यथावत रखा। वह एकमात्र दर कौन सी है जिसमें परिवर्तन किया गया है? – वैधानिक तरलता दर (Statutory Liquidity Ratio – SLR)

विस्तार: भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल की अध्यक्षता में बैंक की 6-सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति ने अपनी द्वि-मासिक मौद्रिक नीति समीक्षा (Second Monetary Policy Review of 2017-18) को 7 जून 2017 को प्रस्तुत किया। इस समीक्षा का मुख्य पक्ष यह रहा कि इसमें लगभग सभी प्रमुख दरों को आरबीआई ने यथावत रखा है। रेपो दर (Repo Rate), जिसके द्वारा ही मुख्यत: ब्याज दर तय होती है, को 6.25% पर यथावत रखा गया है। एकमात्र दर जिसमें परिवर्तन किया गया है वैधानिक तरलता दर (Statutory Liquidity Ratio – SLR) है जिसमें 50 आधार अंकों की कटौती कर इसे 20% किया गया है। SLR वह दर है जिसके अनुपात में बैंकों को अपनी जमा (deposits) का हिस्सा केन्द्रीय बाण्डों में निवेशित रखना होता है।

इस मौद्रिक नीति समीक्षा में RBI ने अपने कड़े रुख को थोड़ा नरम करने का संकेत भी दिया है क्योंकि खुदरा मुद्रास्फीति और आर्थिक विकास दर दोनों में काफी गिरावट आई है। केन्द्रीय बैंक का अनुमान है कि मुद्रास्फीति वर्ष 2017-18 के पहले भाग में 2 से 3.5% के बीच तथा दूसरे भाग में 3.5 से 4.5% के बीच रहेगी।

उल्लेखनीय है कि फरवरी 2017 में आरबीआई ने मौद्रिक नीति से सम्बन्धित अपने रुख में कुछ कड़ाई लाना शुरू किया था तथा इससे जनवरी 2015 से नीति में लचीलापन लाने के रवैये का पटाक्षेप हो गया। इस अवधि के दौरान रेपो दर में कुल 175 आधार-अंकों की कमी लाई गई थी।

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2) आरबीआई (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) द्वारा 7 जून 2017 को प्रस्तुत मौद्रिक नीति समीक्षा में लिए गए निर्णयों को लेकर समिति के सभी सदस्यों में एकमत नहीं था। समिति का वह एकमात्र सदस्य कौन था जिसने समिति के अन्य सदस्यों के निर्णय का समर्थन नहीं किया? – रवीन्द्र ढोलकिया (Ravindra Dholakia)

विस्तार: द्वि-मासिक मौद्रिक नीति समीक्षा से सम्बन्धित निर्णयों को लेकर समिति के जिस एक सदस्य ने समिति के अन्य सदस्यों के निर्णय का समर्थन नहीं किया वे रवीन्द्र ढोलकिया (Ravindra Dholakia) है, जो समिति के तीन बाहरी सदस्यों में से एक हैं तथा अहमदाबाद (Ahmedabad) स्थित भारतीय प्रबन्धन संस्थान (Indian Institute of Management – IIM) के प्रोफेसर हैं।

समिति के अन्य सभी 5 सदस्यों ने जहाँ रेपो दर (Repo Rate) को यथावत रखने के निर्णय का समर्थन किया वहीं ढोलकिया ने इसका विरोध किया।

खास बात यह है कि मौद्रिक नीति समिति द्वारा प्रस्तुत अब तक की 5 मौद्रिक नीति समितियों में यह पहला मौका था जब कोई निर्णय सर्वसम्मति से नहीं लिया गया हो। इस 6-सदस्यीय समिति में आरबीआई के तीन सदस्य आंतरिक सदस्य के तौर पर शामिल हैं (जिनमें आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल भी शामिल हैं जो इसके अध्यक्ष हैं) जबकि शेष तीन ब्राह्य सदस्य हैं। इन तीन ब्राह्य सदस्यों में रवीन्द्र ढोलकिया के अलावा पमी दुआ और चेतन घाटे शामिल हैं।

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3) भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में ऐसा क्या अहम कदम उठाया जिससे बैंकों को गृह ऋण (Home Loan) के लिए अधिक धन उपलब्ध कराना और ब्याज दरों को कम रखना संभव हो गया है? – उसने बैंकों द्वारा गृह ऋण के लिए सिक्योरिटी के तौर पर रखे जाने वाले धन की मात्रा को घटा दिया है

विस्तार: उल्लेखनीय है कि दिए गए गृह ऋण के लिए बैंकों को सिक्योरिटी के लिए कुछ राशि रखनी पड़ती है। अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में RBI ने बैंकों द्वारा ग्राहकों को अधिक मात्रा में गृह-ऋण उपलब्ध कराने तथा ब्याज दरों को कम करने के उद्देश्य से फैसला लिया कि इस सिक्योरिटी राशि को कम किया जायेगा।

अभी तक बैंकों द्वारा प्रदान किए गए गृह-ऋण के लिए प्रत्येक एक लाख रुपए के लिए 400 रुपए (यानि 0.4%) राशि सिक्योरिटी के रूप में रखने का प्रावधान था। इस राशि को अब घटा कर 250 रुपए प्रति लाख (यानि 0.25%) कर दिया गया है। इससे बैंकों को ग्राहकों को अधिक मात्रा में गृह ऋण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। वहीं इसके चलते गृह ऋण की ब्याज दर भी घटने की संभावना है।

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4) किस देश की संसद पर इस्लामिक स्टेट (IS) के आत्मघाती हमलावरों ने 7 जून 2017 को हमला किया जिसके चलते कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई? – ईरान (Iran)

विस्तार: आत्मघाती हमलावरों तथा बंदूकधारियों ने 7 जून 2017 को एक बड़ी घटना को अंजाम देते हुए ईरान (Iran) की राजधानी तेहरान (Tehran) स्थित संसद भवन और देश के बेहद लोकप्रिय दिवंगत धर्मगुरू आयतुल्लाह खोमेनी के मकबरे (Ayatollah Khomeini’s mausoleum) पर हमला कर दिया। इस घटना में कम से कम 13 लोग मारे गए जिसमें हमलावर आतंकी भी शामिल थे। बाद में इस्लामिक स्टेट ने इस घटना की जिम्मेदारी ले ली।

शिया बहुल ईरान पर इस्लामिक स्टेट द्वारा किया गया यह पहला हमला था। उल्लेखनीय है कि ईरान उन देशों में शामिल रहा है जिसने ईरान और सीरिया में इस्लामिक स्टेट के खिलाफ जारी कार्रवाइयों में भाग लिया है। ईरान ने इस घटना के लिए सऊदी अरब (Saudi Arabia) को जिम्मेदार ठहराया।

इस हमले के चलते ईरान और सऊदी अरब सम्बन्ध और अधिक खराब हो गए। यह दोनों देश खाड़ी क्षेत्र में अपना प्रभाव कायम करने के लिए पिछले काफी समय से एक दूसरे को घुड़कियाँ दिखाते आए हैं।

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5) 7 जून 2017 को किसने नेपाल (Nepal) के नए प्रधानमंत्री (Prime Minister) के तौर पर शपथ ली? – शेर बहादुर देउबा (Sher Bahadur Deuba)

विस्तार: नेपाली राजनीति के दिग्गज नेता शेर बहादुर देउबा (Sher Bahadur Deuba) ने 7 जून 2017 को देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। उन्हें राष्ट्रपति बिद्या देवी भण्डारी ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। वे चौथी बार देश के प्रधानमंत्री बने हैं जबकि कुल मिलाकर देश के 40वें प्रधानमंत्री हैं।

उल्लेखनीय है कि एक दिन पूर्व ही नेपाल की संसद ने उनका चुनाव नए प्रधानमंत्री के तौर पर निर्विरोध रूप से किया था। 601-सदस्यीय संसद में कुल पड़े 558 मतों में से उन्हें 388 मत हासिल हुए थे। मई 2017 के दौरान माओवादी नेता पुष्प दहल कमल प्रचण्ड (Pushpa Dahal Kamal Dahal) ने प्रधानमंत्री के तौर पर 9 महीने का कार्यकाल पूरा करने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

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6) हाल ही में खोजे गए उस ब्राह्य-ग्रह (exo-planet) का क्या नाम जिसके बारे में दावा किया गया है कि यह खोजा गया अब तक का सबसे गर्म ग्रह है? – केईएलटी-9बी (KELT-9B)

विस्तार: केईएलटी-9बी (KELT-9B) उस ब्राह्य-ग्रह को दिया गया नाम है जिसे वैज्ञानिकों ने हाल ही में खोजा है तथा जो पृथ्वी से लगभग 650 प्रकाश वर्ष दूर है।

इस ग्रह की सबसे खास बात यह है कि इसकी सतह का अधिकतम तापमान 4,326 डिग्री सेल्सियस पाया गया है जिसके चलते यह मानव द्वारा खोजा गया अब तक का सबसे गर्म ग्रह है। इसका यह तापमान हमारे सूर्य के तापमान से मात्र 926 डिग्री सेल्सियस कम है तथा कई तारों से इसका तापमान अधिक पाया गया है। बृहस्पति के आकार का यह ग्रह KELT-9 नामक एक विशाल तारे की परिक्रमा करता है।

इसका तापमान इतना अधिक होने का मुख्य कारण यह है कि इसके द्वारा जिस तारे (KELT-9) की परिक्रमा की जाती है वह हमारे सूर्य के मुकाबले से आकार में दोगुना तथा गर्मी में भी दोगुना है।

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