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Current Affairs 11 - 12 June 2017

1) इज़राइल (Israel) और अरब देशों (Arab countries) के बीच हुए छह-दिन के युद्ध (Six-Day War) के नाम से विख्यात युद्ध को घटित हुए 10 जून 2017 को कितने वर्ष हो गए? – 50 वर्ष

विस्तार: 1967 का अरब-इज़राइल युद्ध (जिसे तीसरे अरब युद्ध (3rd Arab War) अथवा छह-दिन के युद्ध (Six-Day War) के नाम से भी जाना जाता है) 5 से 10 जून 1967 के बीच लड़ा गया था। इसमें एक तरफ छोटा सा यहूदी देश इज़राइल (Israel) था तो दूसरी ओर 5 अरब देश – मिस्र (Egypt), सीरिया (Syria), जॉर्डन (Jordan), इराक (Iraq) और लेबनान (Lebanon) थे। वे देश जिन्होंने इस अरब गठबन्धन का साथ इज़राइल का साथ दिया था में थे – अल्जीरिया, कुवैत, लीबिया, मोरक्को, पाकिस्तान, सूडान और ट्यूनीशिया।

इस ऐतिहासिक युद्ध में इज़राइल को बड़ी जीत हासिल हुई थी। उसने इस युद्ध में मिस्र से गाज़ा पट्टी (Gaza Strip) और सिनाई प्रायद्वीप (Sinai Peninsula), जॉर्डन से पूर्वी येरूशलम (East Jerusalem) समेत वेस्ट बैंक (West Bank) तथा सीरिया से गोलान हाइट्स (Golan Heights) जीत लिया था। इस युद्ध में सर्वाधिक नुकसान मिस्र को हुआ था जबकि इतनी बड़ी जीत के कारण इज़राइल का विश्व राजनीति में दबदबा कायम हो गया था।

युद्ध के बाद 11 जून 1967 को एक युद्धविराम (ceasefire) हस्ताक्षरित हुआ था। युद्ध में जहाँ अरब देशों के 20,000 से अधिक सैनिक मारे गए थे वहीं मारे गए कुल इज़राइली सैनिकों की संख्या एक हज़ार से भी कम थी। इस जीत का मुख्य कारण इज़राइल द्वारा एकाएक हमला कर चौंकाने की रणनीति, उसकी बेहद कार्यकुशल युद्धनीति तथा अरब सेनाओं की खराब नेतृत्व क्षमता को माना जाता है।

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2) भारत (India) और पाकिस्तान (Pakistan) 9 जून 2017 को किस संगठन के औपचारिक तथा पूर्ण सदस्य बन गए? – शंघाई सहयोग संगठन (Shanghai Cooperation Organisation – SCO)

विस्तार: भारत और पाकिस्तान दोनों को शंघाई सहयोग संगठन (Shanghai Cooperation Organisation – SCO) की पूर्ण कालिक सदस्यता 9 जून 2017 को प्रदान कर दी गई। इस प्रकार 2 वर्ष पूर्व सदस्यता प्रदान करने की प्रशासनिक प्रक्रिया भी समाप्त हो गई। दोनों देशों को संगठन की सदस्यता मिलने की घोषणा कज़ाकिस्तान के राष्ट्रपति नूरसुल्तान नज़रबायेव (Nursultan Nazarbayev) ने की। उल्लेखनीय है कि संगठन के 17वें वार्षिक सम्मेलन का आयोजन कजाकिस्तान की राजधानी आस्ताना (Astana) में 8 और 9 जून 2017 को हुआ।

भारत और पाकिस्तान दोनों को शंघाई सहयोग संगठन में पर्यवेक्षक (observer) देशों की भूमिका 2005 से हासिल थी जबकि पूर्ण कालिक सदस्यता मिलने की प्रशासनिक प्रक्रिया वर्ष 2015 में शुरू हो गई थी।

उल्लेखनीय है कि शंघाई सहयोग संगठन यूरोप एवं एशिया का एक राजनीतिक, आर्थिक तथा सुरक्षा सहयोग संगठन है। इसकी स्थापना की घोषणा 15 जून 2001 को चीन के शंघाई (Shanghai) में चीन (China), कज़ाजिस्तान (Kazakhstan), खिर्गिस्तान (Kyrgyzstan), रूस (Russia), ताजिकिस्तान (Tajikistan) और उज़्बेकिस्तान (Uzbekistan) के राष्ट्राध्यक्षों ने की थी। अब भारत और पाकिस्तान के औपचारिक सदस्य बन जाने के बाद इसकी कुल सदस्यता 6 से बढ़कर 8 हो गई है।

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3) भारत के पूँजी बाजार की नियामक संस्था सेबी (SEBI) ने किसको देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इण्डिया (NSE) का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और प्रबन्ध निदेशक (MD) सशर्त नियुक्त करने की घोषणा 9 जून 2017 को की? – विक्रम लिमाए (Vikram Limaye)

विस्तार: भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (Securities and Exchange Board of India – SEBI) ने विक्रम लिमाए (Vikram Limaye) को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी व प्रबन्ध निदेशक (CEO & MD) नियुक्त करने को अपनी स्वीकृति 9 जून 2017 को प्रदान कर दी। हालांकि यह स्वीकृति इस शर्त के साथ प्रदान की गई है कि वे भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (Board of Control for Cricket in India – BCCI) के प्रशासकों की उस समिति से अपने आपको अलग कर लेंगे जिसकी नियुक्ति सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) द्वारा की गई थी।

लिमाए वर्तमान में प्रमुख वित्तीय कम्पनी आईडीएफसी लिमिटेड (IDFC) के प्रबन्ध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (MD & CEO) हैं। एनएसई के प्रमुख के रूप में उनकी नियुक्ति इसी लिए अटकी हुई थी क्योंकि वे बीसीसीआई (BCCI) के काम-काज के लिए सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित प्रशासकों की समिति के भी सदस्य हैं। उनकी नियुक्ति के बारे में सेबी ने साफ कहा कि वे बीसीसीआई की उक्त समिति को छोड़ने के बाद ही एनएसई के प्रमुख का पद संभाल सकेंगे।

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4) रोहन बोपन्ना (Rohan Bopanna) ने अपने करियर का पहला टेनिस ग्राण्ड स्लैम (tennis Grand Slam) खिताब जीतने में सफलता हासिल की जब उन्होंने 8 जून 2017 को फ्रेंच ओपन का मिश्रित युगल खिताब जीत लिया। इस खिताबी जीत में उनकी पार्टनर कौन रहीं? – गेब्रिएला डाब्रोवस्की (Gabriela Dabrowski)

विस्तार: भारत के प्रमुख टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना ने उस समय नया इतिहास रचा जब अपनी जोड़ीदार कनाडा की गेब्रिएला डाब्रोवस्की (Gabriela Dabrowski) के साथ मिलकर उन्होंने वर्ष 2017 का फ्रेंच ओपन का (2017 French Open) मिश्रित युगल खिताब (Mixed doubles title) जीत लिया। इस जोड़ी ने 8 जून 2017 को हुए फाइनल में जर्मनी (Germany) की अन्ना-लेना ग्रोनफेल्ड (Anna-Lena Groenefeld) और कोलम्बिया (Colombia) के रॉबर्ट फराह (Robert Farah) की जोड़ी को 2-6, 6-2, 12-10 से पराजित किया।

इस प्रकार बोपन्ना टेनिस का ग्राण्ड स्लैम जीतने वाले भारत के कुल चौथे खिलाड़ी बन गए। इससे पहले लिएण्डर पेस (Leander Paes), महेश भूपति (Mahesh Bhupathi) और सानिया मिर्ज़ा (Sania Mirza) उपलब्धि हासिल कर चुके हैं।

उल्लेखनीय है कि बोपन्ना ने वर्ष 2010 में पाकिस्तानी जोड़ीदार ऐसम-उल-हक-कुरैशी के साथ मिलकर यू.एस. ओपन (US Open) के पुरुष डबल्स में स्थान बनाया था लेकिन फाइनल में उन्हें अमेरिका के प्रसिद्ध ब्रायन बंधुओं (Brian Brothers) के हाथों हार झेलनी पड़ी थी।

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5) विश्व की सर्वोच्च उच्च शिक्षण संस्थाओं की रेटिंग से जुड़ी क्यूएस वर्ल्ड यूनीवर्सिटी रैंकिंग्स (QS World University Rankings) में ऐसा पहली बार हुआ कि तीन भारतीय संस्थानों ने इसके सर्वोच्च 200 संस्थानों में स्थान बनाने में सफलता हासिल की है। 8 जून 2017 को जारी वर्ष 2018 की इस सूची में शामिल ये तीन संस्थान कौन से हैं? – भारतीय विज्ञान संस्थान (बंगलौर), आईआईटी दिल्ली और आईआईटी बंबई

विस्तार: 8 जून 2017 को जारी क्यूएस वर्ल्ड यूनीवर्सिटी रैंकिंग्स 2018 में सर्वोच्च 200 संस्थानों में तीन भारतीय संस्थान शामिल हैं – भारतीय विज्ञान संस्थान (बंगलौर) – IISc Bangalore, आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) और आईआईटी बंबई (IIT Bombay)। इस प्रकार यह पहला ही मौका है जब इस प्रतिष्ठित सूची में तीन भारतीय संस्थान शामिल किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि इस सूची की सर्वोच्च 200 में शामिल संस्थान इस वैश्विक सर्वे में शामिल किए गए दुनिया भर के लगभग 26,000 उच्च शिक्षण संस्थानों में सर्वोच्च 1% का प्रतिनिधित्व करते हैं।

इस वर्ष की सूची में बंगलौर स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc, Bangalore) को 152वां स्थान प्रदान किया गया है जबकि पिछली बार की सूची में यह 190वें स्थान पर था। आईआईटी बंबई (IIT Bombay) भी पिछले वर्ष के 219वें स्थान से इस वर्ष 179वें स्थान पर पहुँच गया है। लेकिन आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) पिछले बार के 172वें स्थान से खिसक कर इस बार 185वें स्थान पर पहुँच गया है।

क्यूएस वर्ल्ड यूनीवर्सिटी रैंकिंग्स क्वाकरेली सायमण्ड्स डब्ल्यूयूआर (Quacquarelli Symonds (QS) WUR) नामक एक ब्रिटिश एजेंसी द्वारा तैयार की जाती है। यह एजेंसी अनुसंधान, शिक्षण, सेवायोजन के अवसर, अंतर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठा जैसे 6 मानकों के अलावा 40 बिन्दुओं के भारांक (weightage) के आधार पर शिक्षण संस्थानों की रेटिंग करती है।

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