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Current Affairs 13 - 14 April 2017

1) भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से सम्बन्धित किस प्रसिद्ध घटना की 100वीं वर्षगाँठ से सम्बन्धित कार्यक्रमों का आयोजन 10 अप्रैल 2017 से शुरू हुआ? – चम्पारण आंदोलन (Champaran Movement)

विस्तार: महात्मा गांधी ने अपने सर्वप्रथम सत्याग्रह (Satyagraha) का आयोजन उत्तर बिहार के चम्पारण जिले (Champaran district) में ही ठीक 100 वर्ष पूर्व अप्रैल 1917 में किया था जब उन्हें पता चला था कि यहाँ के किसान अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों के कारण बर्बादी की कगार पर पहुँच गए हैं। इन किसानों को अपने खेतों पर अंग्रेज अधिकारियों के आदेश पर नील (indigo) की खेती जबरन करनी पड़ती थी जिससे उनकी अनाज पैदावार कम होने के साथ-साथ खेत भी बेकार होते ज अरहे थे।

 चम्पारण वासियों के अनुग्रह पर गांधीजी ने 10 अप्रैल 1917 को ही बिहार की भूमि पर अपना पहला कदम रखा था। उन्हें चम्पारण छोड़ने का आदेश दिया गया था लेकिन उन्होंने इसे अनसूना कर दिया था। 18 अप्रैल 1917 को जब उन्हें मोतीहारी न्यायालय में पेश किया था तब लगभग 2 हजार स्थानीय निवासी उनके साथ पहुँचे थे। अंतत: अंग्रेजों को झुकना पड़ा था। चम्पारण आंदोलन को भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का अहम पड़ाव माना जाता है तथा इससे गांधीजी की सार्वजनिक जीवन में सशक्त पहचान स्थापित हुई थी।

 चम्पारण आंदोलन की 100वीं वर्षगाँठ को मनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 10 अप्रैल 2017 को नई दिल्ली में एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया, जिसका शीर्षक था – “स्वच्छग्रह – बापू को कार्यांजलि – एक अभियान, एक प्रदर्शनी”। दूसरी तरफ बिहार सरकार ने भी एक साल चलने वाले कार्यक्रमों की श्रृंखला को इस दिन से शुरू किया।

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2) 12 अप्रैल 2017 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सार्वजनिक तेल विपणन कम्पनियों (PSU oil marketing companies) ने 1 मई 2017 से तेल के मूल्य को प्रतिदिन निर्धारित (daily revision of fuel price) करने की पायलट परियोजना के लिए 6 शहरों का चयन किया है। ये 5 शहर कौन से हैं? – पुड्डुचेरी, विशाखापट्टनम, उदयपुर, जमशेदपुर और चण्डीगढ़

विस्तार: उल्लेखनीय है कि फिलहाल सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कम्पनियाँ प्रत्येक पखवाड़े (fortnight) में तेल मूल्यों को नए सिरे से तय कर अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मूल्यों की उठापटक को प्रतिबम्बित करने का प्रयास करती हैं। लेकिन तेल कम्पनियों ने निर्णय लिया है कि इस साल से मूल्यों को दैनिक आधार (daily basis) पर तय किया जाय। अब इन कम्पनियों ने उक्त योजना की पायलट परियोजना को पहले देश के 5 शहरों में लागू करने का फैसला लिया है।

 ईंधन तेलों के मूल्यों के दैनिक निर्धारण की पायलट परियोजना जिन पाँच शहरों में शुरू किया जायेगा उसमें दक्षिण के दो शहर हैं – पुड्डुचेरी (Puducherry), विशाखापट्टनम (Vishakhapatnam); पश्चिम का एक शहर – उदयपुर (Udaipur); पूर्व का एक शहर – जमशेदपुर Jamshedpur) और उत्तर का एक शहर – चण्डीगढ़ (Chandigarh)। इस पायलट परियोजना के द्वारा इस योजना के क्रियान्वयन से जुड़ी समस्याओं का पता चलेगा जिससे आगे इस योजना को पूरे देश में सुचारू रूप से लागू किया जा सके।

 उल्लेखनीय है कि सार्वजनिक क्षेत्र की तीन तेल विपणन कम्पनियों की देश के कुल खुदरा तेल वितरण आउटलेट्स में लगभग 90% हिस्सेदारी है।

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3) केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री पियुष गोयल द्वारा 12 अप्रैल 2017 को लाँच किए गए देश के उस अपनी तरह के पहले एप्लीकेशन (पोर्टल) का क्या नाम है जिसके माध्यम से नागरिक रियल टाइम आधार पर विद्युत आपूर्ति से सम्बन्धित तमाम जानकारी हासिल कर सकेंगे? – “ऊर्जा मित्र” (‘Urja Mitra’)

विस्तार: “ऊर्जा मित्र” (‘Urja Mitra’) देश में लाँच किया गया अपनी तरह का पहला केन्द्रीय प्लेटफॉर्म है जिसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को विद्युत आपूर्ति से सम्बन्धित तमाम रियल-टाइम जानकारियाँ उपलब्ध कराना है। इसे वेब पोर्टल (www.urjamitra.com) तथा iOS व एण्ड्रॉयड (Android) मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से उपलब्ध कराया गया है।

 “ऊर्जा मित्र” की मदद से विद्युत उपभोक्ता यह समस्त जानकारी हासिल कर सकेंगे कि कितने समय के लिए बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी, किस कारण से बिजली बाधित रहेगी, आपूर्ति किस समय चालू की जायेगी, आदि। इसके अलावा उन्हें किसी समस्या के कारण बिजली काटी जाने की सूचना से सम्बन्धित एलर्ट भी भेजा जायेगा।

 इसकी मदद से देश के आम नागरिक देश के किसी भी भाग में विद्युत आपूर्ति की वास्तविक स्थिति का आकलन कर सकेंगे तथा विद्युत बाधित क्षेत्रों में सम्बन्धित शिकायत भी दर्ज करा सकेंगे। शिकायत दर्ज कराने के लिए 1912 हेल्पलाइन नम्बर का प्रयोग किया जा सकेगा।

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4) देश में पूर्णतया विकसित पहले औद्यौगिक रोबोट (industrial-articulated robot) को टाटा समूह की कम्पनी ताल मैन्यूफैक्चरिंग सॉल्यूशन्स ने 11 अप्रैल 2017 को लांच किया। इस रोबोट को क्या नाम दिया गया है? – “ब्राबो” (“BRABO”)

विस्तार: टाटा मोटर्स (Tata Motors) की पूर्ण स्वामित्व वाली कम्पनी ताल मैन्यूफैक्चरिंग सॉल्यूशन्स (TAL Manufacturing Solutions) ने देश में विकसित पहले औद्यौगिक रोबोट को 11 अप्रैल 2017 को लांच किया। इस रोबोट को “ब्राबो” (“BRABO”) नाम दिया गया है।

 यह रोबोट एक जैसे (repetitive), खतरनाक प्रकृति वाले, अत्यधिक मेहनत वाले कामों को बेहद कार्यकुशलता से सम्पन्न करते हुए औद्यौगिक प्रतिष्ठानों में मानवीय कार्यबल की सहायता करने में सक्षम है। यह उत्पादन में कच्चे पदार्थों के प्रयोग से लेकर तैयार माल की पैकेजिंग तक सब कार्य करने की क्षमता से लैस है।

 यह पहला मौका है जब किसी औद्यौगिक रोबोट का विचार प्रतिपादित करने से लेकर इसकी डिज़ाइनिंग और निर्माण पूरी तरह से भारत में किया गया है। माना जा रहा है कि “ब्राबो” रोबोट के प्रयोग से उत्पादकता में 15 से 30% की वृद्धि होगी वहीं इसकी लागत को 15 से 18 माह में वसूला जा सकेगा।

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5) पूर्व केन्द्रीय मंत्री तथा लखनऊ के पूर्व मेयर अखिलेश दास गुप्ता (Akhilesh Das Gupta), जिनका 12 अप्रैल 2017 को एकाएक निधन हो गया, खेलों से जुड़े किस संघ के अध्यक्ष थे? – भारतीय बैडमिण्टन संघ (Badminton Association of India – BAI)  

विस्तार: अखिलेश दास गुप्ता लगातार 6 वर्ष तक राज्यसभा के सांसद रहे थे। वे अपने समय के प्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी तथा उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबू बनारसी दास (Babu Banarasi Das) के पुत्र थे तथा राष्ट्रीय स्तर के बैडमिंटन खिलाड़ी भी थे। वे शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण संस्थाओं की स्थापना के लिए भी काफी प्रसिद्ध थे।

 वे वर्ष 2011 से भारतीय बैडमिण्टन संघ (BAI) के अध्यक्ष (President) थे। उनका कार्यकाल भारतीय बैडमिण्टन के लिए खासा लाभकारी रहा तथा वर्ष 2011 के लंदन ऑलम्पिक्स में साइना नेहवाल (Saina Nehwal) ने जहाँ काँस्य पदक जीता वहीं 2016 के रियो ऑलम्पिक्स में पी.वी. सिंधु (PV Sindhu) ने भारत की बैडमिंटन उपलब्धियों को और बढ़ाते हुए फाइनल में पहुँचकर रजत पदक जीता।

 लेकिन केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अखिलेश दास तथा दिल्ली बैडमिंटन संघ के कुछ अधिकारियों के खिलाफ वर्ष 2014 में टोक्यो में हुए युवा खेल एक्सचेंज कार्यक्रम में खिलाड़ियों के चुनाव में भाई-भतीजावाद के आरोपों की जाँच शुरू कर कई स्थानों पर छापे मारे थे। वे 56 वर्ष के थे तथा उनका निधन हृदयघात के कारण हुआ।

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6) राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 13 अप्रैल 2017 को गुड्स एण्ड सर्विस टैक्स (Goods and Service Tax – JST) को लागू किए जाने से सम्बन्धित चार विधेयकों पर अपने हस्ताक्षर कर इन्हें वैधानिकता प्रदान कर दी। यह 4 विधेयक कौन से हैं जिनकी अंतिम स्वीकृति हासिल हो जाने से 1 जुलाई 2017 से देश में GST युग के सूत्रपात का मार्ग प्रशस्त हो गया है? – a) केन्द्रीय जीएसटी कानून, 2017 b) एकीकृत जीएसटी कानून, 2017 c) जीएसटी (राज्यों को हर्जाना) कानून, 2017 और d) केन्द्र शासित प्रदेश जीएसटी कानून 2017

विस्तार: गुड्स एण्ड सर्विस टैक्स (GST) स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत में लागू किया जा रहा सबसे बड़ा कर सुधार है तथा इसको लागू किए जाने से यह केन्द्रीय उत्पाद शुल्क (central excise), सेवा कर (service tax), मूल्यवर्द्धित कर (VAT) तथा तमाम अन्य स्थानीय करों को समाप्त कर राष्ट्रीय स्तर पर एक एकल कर (uniform tax) की व्यवस्था प्रदान करेगा। केन्द्र सरकार इसे 1 जुलाई 2017 से लागू करने की घोषणा कर चुकी है।

 केन्द्रीय जीएसटी कानून, 2017 (Central GST Act, 2017) केन्द्र सरकार द्वारा किसी राज्य की सीमा के भीतर केन्द्रीय जीएसटी को लागू करने की शक्ति प्रदान करता है। एकीकृत जीएसटी कानून, 2017 (Integrated GST Act, 2017) अंतर-राज्यीय (inter-State) आधार पर उत्पादों व सेवाओं की आपूर्ति पर एकीकृत जीएसटी लागू करने की व्यवस्था करता है।

 वहीं जीएसटी (राज्यों को हर्जाना) कानून, 2017 (GST (Compensation to States) Act, 2017) जीएसटी लागू किए जाने के चलते राज्यों को होने वाले राजस्व घाटे की भरपाई की व्यवस्था के लिए तैयार किया गया है। केन्द्र शासित प्रदेश जीएसटी कानून 2017 (Union Territory GST Act, 2017) केन्द्र शासित प्रदेश द्वारा अंतर-राज्यीय आधार पर उत्पादों व सेवाओं की आपूर्ति पर कर वसूली करने को वैधानिकता प्रदान करता है।

 यह विधेयक राज्य सभा द्वारा 6 अप्रैल 2017 को तथा लोकसभा द्वारा 29 मार्च 2017 को पारित किए गए थे।

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7) आर्थिक मामलों पर गठित कैबिनेट समिति (Cabinet Committee on Economic Affairs – CCEA) ने 12 अप्रैल 2017 को सार्वजनिक क्षेत्र के 11 उपक्रमों (11 CPSEs) को शेयर बाजारों में सूचीबद्ध (list) करने के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी प्रदान कर दी। लाभ अर्जित करने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में जनता की कितनी हिस्सेदारी का प्रावधान किया गया है जिसके तहत यह निर्णय लिया गया है? – 25%

विस्तार: वर्ष 2016-17 के केन्द्रीय बजट में घोषित नई विनिवेश नीति (New Disinvestment Policy) के तहत प्रावधान किया गया था कि पिछले तीन वित्तीय वर्षों में लाभ अर्जित करने वाले तथा धनात्मक नेट-वर्थ (positive net-worth) वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को अपनी 25% हिस्सेदारी को सार्वजनिक कर स्वयं को शेयर-बाजार पर सूचीबद्ध करना होगा।

 इसी प्रावधान को लागू करने के उद्देश्य से 12 अप्रैल 2017 को निर्णय लिया किया कि सार्वजनिक क्षेत्र के 11 उपक्रमों को शेयर बाजारों में सूचीबद्ध किया जायेगा। इन 11 प्रतिष्ठानों में से 5 रेल मंत्रालय के तहत आते हैं – रेल विकास निगम लि. (Rail Vikas Nigam Ltd), इरकॉन इंटरनेशनल लि. (IRCON International Ltd.), इण्डियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (Indian Railway Finance Corp. Ltd.), आईआरसीटीसी (IRCTC) और राइट्स लिमिटेड (RITES Ltd.); 3 रक्षा मंत्रालय के तहत आते हैं – भारत डाइनेमिक्स लि. (Bharat Dynamics Ltd.), गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एण्ड इंजीनियर्स लि. (Garden Reach Shipbuilders & Engineers Ltd.) और मझगाँव डॉक शिपबिल्डर्स लि. (Mazagon Dock Shipbuilders Ltd.); केन्द्रीय इस्पात मंत्रालय के तहत तीन उपक्रम हैं – एमएसटीसी लिमिटेड (MSTC Ltd.) और मिश्र धातु निगम लिमिटेड (Mishra Dhatu Nigam Ltd.); तथा ऊर्जा मंत्रालय के तहत एक उपक्रम – नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक कॉरपोरेशन लि. (North Eastern Electric Power Corporation Ltd.)।

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8) डिज़िटल अर्थव्यवस्था पर जी20 देशों की पहली मंत्रीस्तरीय बैठक (First G-20 Ministerial Meet on Digital Economy) अप्रैल 2017 के दौरान किस यूरोपीय शहर में सम्पन्न हुई? – डुसेल्डॉर्फ (जर्मनी)

विस्तार: जर्मनी (Germany) के डुसेल्डॉर्फ (Dusseldorf) शहर में डिज़िटल अर्थव्यवस्था पर जी20 देशों की पहली मंत्रीस्तरीय बैठक (G-20 Ministerial Meet on Digital Economy) का आयोजन 6 व 7 अप्रैल 2017 को हुआ। इस बैठक का विषय था – “डिज़िटालाइज़ेशन: डिज़िटल भविष्य के लिए नीतियाँ” (Digitalisation: Policies for a Digital Future’)।

 इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व केन्द्रीय इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्यौगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद (Ravi Shankar Prasad) ने किया। उन्होंने बैठक में डिज़िटलाइज़ेशन के क्षेत्र में भारत के अनुभवों तथा डिज़िटल संरचना के विकास में देश के प्रयासों का उल्लेख किया।

 अपनी तरह की इस पहली बैठक का समापन ‘Shaping Digitalisation for an Interconnected World’ शीर्षक से एक घोषणापत्र के साथ हुआ जिसमें जी20 देशों में उपयुक्त ब्रॉडबैण्ड कनेक्टिविटी स्थापित करने, डिज़िटल तकनीकों को अधिक वृहद तरीके से अपनाने तथा डिज़िटल सेवाओं में अपेक्षित सुधार पर जोर दिया गया। उल्लेखनीय है कि जी20 (G20) विश्व की 20 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं का समूह है तथा इसमें विकसित तथा उभर रहे (emerging countries)- दोनों प्रकार के देश शामिल हैं।

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9 ) जापान (Japan) के किस प्रमुख वैश्विक व्यावसायिक समूह ने 11 अप्रैल 2017 को चेतावनी जारी कि अरबों रुपए के घाटे के चलते भविष्य में उसे व्यवसाय से बाहर होना पड़ सकता है? – तोशीबा (Toshiba)

विस्तार: 142 वर्ष पुराने जापान (Japan) के दिग्गज व्यावसायिक समूह तोशीबा (Toshiba), जिसका मुख्यालय टोक्यो में स्थित है, को 31 दिसम्बर 2016 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही में 576.3 अरब येन (लगभग 5.2 अरब डॉलर) का घाटा हुआ था। इससे पहले की दो तिमाहियों के दौरान भी समूह के वित्तीय परिणाम खराब थे।

 तोशीबा को अपने वेस्टिंगहाउस इलेक्ट्रिक (Westinghouse Electric) परमाणु व्यवसाय में अरबों डॉलर का घाटा हुआ है तथा इस इकाई ने अमेरिका में मार्च 2017 के दौरान दीवालियेपन (bankruptcy) के लिए आवेदन किया था। इस व्यवसाय में हुए भारी-भरकम घाटे के कारण समूह की वित्तीय स्थित डाँवाडोल हो गई थी तथा इसकी देनेदारियाँ (liabilities) इसकी परिसम्पत्तियों (assets) से अधिक हो गई हैं।

 समूह की खराब आर्थिक स्थिति के कारण अब टोक्यो स्टॉक एक्सचेंज (TSE) में इसकी लिस्टिंग को हटाया जा सकता है अथवा डाउनग्रेड किया जा सकता है। इन्हीं हालातों के बीच तोशीबा समूह ने 11 अप्रैल 2017 को चेतावनी दी कि उसका भविष्य अधर में लटका हुआ है तथा उसे व्यवसाय से बाहर भी होना पड़ सकता है।

 उल्लेखनीय है कि तोशीबा तमाम विभिन्न व्यवसायों व उत्पादों में सक्रिय है जैसे आईटी उत्पाद, संचार उपकरण व प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, पॉवर सिस्टम, औद्यौगिक उत्पादन, मैमोरी व चिप उत्पाद, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, आदि।

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http://churugurukul.com/current-affairs-11-12-april-2017