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Current Affairs 13 - 14 June 2017

1) राफेल नडाल (Rafael Nadal) ने क्ले कोर्ट पर अपनी बादशाहत को बरकरार रखते हुए फ्रेंच ओपन (French Open) का अपना दसवाँ पुरुष एकल खिताब 11 जून 2017 को जीत लिया जब उन्होंने फाइनल में स्टेन वावरिंका को एकतरफा फाइनल में आसानी से हरा दिया। इस खिताबी जीत के साथ नडाल ने क्या इतिहास रचा? – वे टेनिस के ओपन युग के पहले खिलाड़ी हो गए जिन्होंने कोई ग्रैण्ड-स्लैम खिताब दस बार जीता है

विस्तार: स्पेन (Spain) के राफेल नडाल (Rafael Nadal) ने पेरिस के रोलां गारो (Roland Garros) में हुए वर्ष 2017 फ्रेंच ओपन (2017 French Open) के पुरुष एकल (men’s singles) फाइनल में 11 जून 2017 को स्विट्ज़रलैण्ड (Switzerland) के स्टेन वावरिंका (Stan Wawrinka) को बेहद आसानी से 6-2, 6-3, 6-1 से हराकर अपने करियर का रिकॉर्ड दसवाँ खिताब जीत लिया। इस प्रकार वे टेनिस के ओपन दौर (Open era) के ऐसे पहले खिलाड़ी बन गए जिन्होंने कोई ग्रैण्ड स्लैम (Grand Slam) खिताब दस बार जीता है।

इससे पहले नडाल ने वर्ष 2005, 2006, 2007, 2008, 2010, 2011, 2012, 2013 और 2014 में भी फ्रेंच ओपन का पुरुष एकल खिताब जीता था।

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2) वर्ष 2017 के फ्रेंच ओपन का महिला एकल खिताब (women’s singles title) जीतकर किस खिलाड़ी ने न सिर्फ अपने करियर का पहला ग्रैण्ड स्लैम खिताब जीता बल्कि अपने देश की पहली टेनिस ग्रैण्ड स्लैम विजेता भी बन गईं? – जेलेना ऑस्टापेंको (Jelena Ostapenko)

विस्तार: लाट्विया (Latvia) की जेलेना ऑस्टापेंको (Jelena Ostapenko) ने वर्ष 2017 के फ्रेंच ओपन के महिला एकल फाइनल मुकाबले में 10 जून 2017 को तृतीय वरीयता प्राप्त रोमानिया (Romania) की सिमोना हालेप (Simona Halep) को पराजित कर एक बड़ा उलटफेर किया। एक समय हालेप यह खिताब जीतती दिख रही थीं जब पहला सेट जीतने के बाद दूसरे सेट में वे 3-0 से आगे थीं लेकिन जेलेना ने शानदार वापसी करते हुए न सिर्फ दूसरा सेट जीता बल्कि तीसरा सेट जीतकर अपने करियर का पहला ग्राण्ड स्लैम खिताब जीत लिया।

उन्होंने यह मुकाबला 4-6, 6-4, 6-3 से जीतकर कई कीर्तिमान स्थापित किए। वे टेनिस के ओपन दौर की पहली गैर-वरीयता प्राप्त खिलाड़ी हैं जिन्होंने फ्रेंच ओपन का महिला एकल खिताब जीता है। वे कोई टेनिस ग्रैण्ड-स्लैम खिताब जीतने वाली लाट्विया की पहली खिलाड़ी भी हैं। इसके अलावा वे 1997 में इवा मजोली (Iva Majoli) के बाद फ्रेंच ओपन का महिला एकल खिताब जीतने वाली सबसे युवा खिलाड़ी भी हैं। वे गुस्ताओ कुएर्टन (Gustavo Kuerten) के बाद अपने पहले ही टूर में ग्रैण्ड स्लैम खिताब जीतने वाली वह पहली खिलाड़ी भी बन गईं हैं।

वहीं सिमोना हालेप के लिए यह पिछले चार वर्षों में फ्रेंच ओपन के फाइनल में दूसरी हार है।

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3) सहकारी संघवाद (cooperative federalism) को मजबूत करने की दिशा में एक कदम उठाते हुए नीति आयोग (NITI Aayog) ने जून 2017 के दौरान “साथ” (“SATH”) नामक एक नया कार्यक्रम शुरू किया जिसका मुख्य उद्देश्य शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्रों में बदलाव लाना है। “साथ” शब्द का अर्थ क्या है? – ‘Sustainable Action for Transforming Human capital’

विस्तार: जून 2017 के दौरान नीति आयोग ने “साथ” (“SATH”) नामक एक नया कार्यक्रम शुरू किया जिसमें “साथ” का अर्थ है – – ‘Sustainable Action for Transforming Human capital’। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षा तथा स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में बड़े सुधार का सूत्रपात करना है। इसके द्वारा कई राज्यों की अपेक्षित मांगों को पूरा करने की कोशिश की जायेगी जिसके लिए उन्होंने नीति आयोग के समक्ष मांग रखी थी।

“साथ” कार्यक्रम को नीति आयोग द्वारा मैकिंसी एण्ड कम्पनी (McKinsey & Company) और आईपीई ग्लोबल (IPE Global) कंसोर्टियम के सहयोग से क्रियान्वित किया जायेगा। इन दोनों कम्पनियों का चयन नीलामी की प्रतिस्पर्धा के द्वारा किया गया है।

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4) आईआईटी संयुक्त प्रवेश परीक्षा एड्वांस्ड परीक्षा 2017 (IIT- Joint Entrance Examination (JEE) Advanced 2017 exam), जिसका परिणाम 11 जून 2017 को जारी किया गया, में पहला स्थान किसने हासिल किया? – सर्वेश मेहतानी

विस्तार: हरियाणा के पंचकुला के सर्वेश मेहतानी (Sarvesh Mehtani) ने वर्ष 2017 की आईआईटी संयुक्त प्रवेश परीक्षा (एड्वांस्ड) में सर्वोच्च स्थान हासिल किया है। इस प्रवेश परीक्षा का परिणाम 11 जून 2017 को घोषित किया गया तथा हर वर्ष आयोजित होने वाली इस परीक्षा के द्वारा ही देश के 23 भारतीय प्रौद्यौगिकी संस्थानों (IITs) और झारखण्ड के धनबाद (Dhanbad) स्थित भारतीय खनन संस्थान (Indian School of Mines – ISM) में प्रवेश प्रदान किया जाता है।

21 मई 2017 को आयोजित हुई इस परीक्षा के में लगभग 1.7 लाख अभ्यर्थियों को पंजीकृत हुए थे। ये वे अभ्यर्थी थे जिन्होंने दो-चरणों में होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा के पहले चरण (जेईई मेन्स – IIT Mains) को उत्तीर्ण किया था।

वहीं बिहार के सुप्रसिद्ध गणितज्ञ आनंद कुमार द्वारा संचालित “सुपर-30” (“Super-30”) के सभी 30 छात्रों ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल की है। उल्लेखनीय है कि “सुपर-30” के माध्यम से वंछित वर्ग के 30 प्रतिभाशाली छात्रों को नि:शुल्क शिक्षा तथा भोजन व आवास सुविधा मुहैया कराते हुए आईआईटी प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराई जाती है। अभी तक “सुपर-30” में शामिल कुल 450 छात्रों में से 396 को इस परीक्षा में सफलता मिली है।

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5) हाल ही में सम्पन्न ब्रिटिश संसदीय चुनावों (British parliamentary elections) में किसने जीत दर्ज कर ब्रिटिश संसद में सिख समुदाय की पहली महिला सांसद बनने का गौरव हासिल किया? – प्रीत कौर गिल (Preet Kaur Gill)

विस्तार: लेबर पार्टी (Labour Party) की उम्मीदवार प्रीत कौर गिल (Preet Kaur Gill) ने एजबेस्टन (Edgbaston) सीट पर जीत दर्ज कर नया इतिहास रचा। वे ब्रिटिश संसद में पहुँचने वाली सिख समुदाय की पहली महिला सांसद बन गई हैं। उन्होंने इस चुनाव में कंज़रवेटिव पार्टी की केरोलीन स्क्विर (Caroline Squire) को पराजित किया।

प्रीत कौर मूल रूप से पंजाब के जालंधर के जामशेर (Jamsher) गाँव की रहने वाली हैं। उनके पिता दलजीत सिंह 1962 में यहाँ से ब्रिटेन चले गए थे और वहीं बस गए थे। एजबेस्टन में प्रीत कौर का जन्म तथा पालन-पोषण हुआ। उन्होंने इसी स्थान से सांसद का चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। यह सीट सभी तक लेबर पार्टी की ही गिज़ेला स्टुअर्ट (Gisela Stuart) के पास थी लेकिन उनके स्थान पर प्रीत कौर को उम्मीदवार बनाने का फैसला लिया गया।

उल्लेखनीय है कि बिटेन में 8 जून 2017 को संसदीय चुनावों का आयोजन हुआ था क्योंकि प्रधानमंत्री थेरेसा मे (Theresa May) ने संसद में अपनी सत्ताधारी कंज़रवेटिव पार्टी (Conservative Party) की मामूली सी बढ़त का विस्तार करने के उद्देश्य से समय से पूर्व ही संसदीय चुनाव (snap elections) करने का फैसला लिया था। लेकिन उनका यह फैसला गलत साबित हुआ तथा उनकी पार्टी की सीटों की संख्या पिछली बार से 17 कम होकर 317 रह गई। वहीं जर्मी कोर्बिन (Jeremy Corbyn) के नेतृत्व वाली लेबर पार्टी की सीटों की संख्या 229 से बढ़कर 262 रह गई।

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http://churugurukul.com/current-affairs-11-12-june-2017