Call us now: (+91) 94135 68044

 Bank PO & Clerk New Batch Started.............................................................. Delhi / Rajasthan Police New Batch Started............................................................ BANK CLERK (9 : 00 AM to 01 : 00 PM) ..............................................................REET I & II LEVEL (12 : 30 PM to 05 : 30 PM).............................................................. Our site is currently under processing and updating . We will update all notes soon . Thank you

 

Current Affairs 17 - 18 Aug 2017

1) सर्वजनिक क्षेत्र के किस उपक्रम के अगस्त 2017 के दौरान जारी आईपीओ (IPO – Initial Public Offering) ने सफलता का नया आयाम स्थापित किया है तथा इसे 75 गुना अधिक आवेदन हासिल हुए (75 times oversubscribed)? – कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (Cochin Shipyard Limited)

विस्तार: सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (Cochin Shipyard Limited) ने अगस्त 2017 के दौरान अपना आईपीओ (IPO) जारी किया तथा यह किसी सार्वजनिक उपक्रम का पिछले एक दशक का सबसे सफल आईपीओ बन गया। आईपीओ के द्वारा 1,441 करोड़ रुपए जुटाए जाने थे लेकिन इसके लिए 75 गुना अधिक आवेदन आए जिससे 1.11 लाख करोड़ रुपए हासिल हुए।

कोचीन शिपयार्ड के इस आईपीओ की खास बात यह भी रही कि खुदरा निवेशकों (retail investors) ने भी इसके प्रति काफी उत्साह दिखाया तथा इस वर्ग से लगभग 20 लाख आवेदन हासिल हुए। वहीं क्वालीफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) संवर्ग से 63 गुना अधिक आवेदन हासिल हुए। हाई नेट-वर्थ इंडीवीज़ुअल (HNI) ने और अधिक उत्साह दिखाते हुए 287 गुना अधिक आवेदन किया।

इस आईपीओ से हासिल धन का इस्तेमाल कोचीन शिपयार्ड द्वारा अपने विस्तारीकरण में किया जायेगा जिसके तहत एक नए शुष्क बंदरगाह (dry port) का निर्माण तथा जहाजों की मरम्मत क्षमता में विस्तार शामिल है। उल्लेखनीय है कि यह शिपयार्ड केरल के कोचीन (Cochin) के बीचोंबीच स्थित है तथा इसके पास वर्तमान में 6 जहाजों के निर्माण के लिए लगभग 3,000 करोड़ रुपए का ऑर्डर है।

……………………………………………………………………..

2) अभी कुछ समय पूर्व हृदय-सम्बन्धित चिकित्सा में प्रयुक्त कार्डियेक स्टेंटों (cardiac stents) के अधिकतम मूल्य को नियंत्रण के तहत लाने के बाद केन्द्र सरकार ने 16 अगस्त 2017 को किस मेडिकल उपकरण के अधिकतम मूल्य को तय करने की (fixing the ceiling prices) घोषणा कर दी? – घुटनों के इम्प्लान्ट्स (Knee Implants)

विस्तार: केन्द्र सरकार ने 16 अगस्त 2017 को घुटनों के ऑपरेशन में प्रयुक्त होने वाले कृत्रिम ऑर्थोपेडिक इम्प्लांट्स (orthopaedic implants) के अधिकतम मूल्यों को तय करने की घोषणा कर दी। यदि देश में प्रतिवर्ष होने वाले घुटनों के ऑपरेशनों की संख्या (लगभग 1 से 1.5 लाख) के अनुसार देखा जाय तो सरकार की इस घोषणा से मरीजों को कम से कम 1500 करोड़ रुपए की बचत होने की संभावना है।

केन्द्र सरकार द्वारा इस सम्बन्ध में की गई घोषणा के अनुसार यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि इस क्षेत्र में कुछ लोगों द्वारा अनैतिक तरीके से घुटनों के इम्प्लान्ट्स की कीमत बहुत बढ़ा-चढ़ा कर रखी जाती है तथा इस प्रवृत्ति पर अब नकेल कसेगी। इससे आम आदमी को लाभ होगा। घुटनों के इम्प्लान्ट्स के मूल्यों में भारी हेरफेर की जानकारी राष्ट्रीय फार्मास्यूटिकल मूल्यन प्राधिकरण (National Pharmaceutical Pricing Authority – NPPA) द्वारा किए गए विश्लेषण से मिली है।

NPPA ने अधिकतम मूल्य तय करने की सिफारिश करने में इस बात का ध्यान रखा है कि मरीजों को नवीनतम प्रौद्यौगिकी का लाभ हासिल होता रहे। उदाहरण के लिए घुटनों के प्रत्यारोपण में सर्वाधिक प्रयुक्त किए जाने वाले कोबॉल्ट क्रोमियम इम्प्लान्ट (cobalt chromium knee implant) का अधिकतम मूल्य 54,720 रुपए तय किया गया है जबकि वर्तमान में इसका अधिकतम मूल्य 1,58,324 रुपए तक वसूला जा रहा है।

……………………………………………………………………..

3) केन्द्रीय कैबिनेट ने 16 अगस्त 2017 को माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा हेतु एक साझा कोष (single fund) बनाने की घोषणा जिसकी राशि लैप्स नहीं होगी। इस नए कोष का नाम क्या है? – माध्यमिक एवं उच्चतर शिक्षा कोष (Madhyamik and Uchchtar Shiksha Kosh – MUSK)

विस्तार: केन्द्रीय मंत्रिमण्डल ने माध्यमिक और उच्च शिक्षा के लिए माध्यमिक एवं उच्चतर शिक्षा कोष नामक (Madhyamik and Uchchtar Shiksha Kosh – MUSK) एक नया कोष बनाए जाने की मंजूरी 16 अगस्त 2017 को प्रदान कर दी। इस कोष में इस स्तर के शिक्षा कार्यक्रमों के लिए लगाए जाने वाले उप-कर (Cess) की पूरी राशि रखी जायेगी। कोष में सभी राशि को वर्ष 2007 के वित्त अधिनियम की धारा 136 के तहत रखे जाने का प्रावधान किया गया है।

इस कोष के धन का अनुप्रयोग देश भर के माध्यमिक व उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए किया जायेगा तथा किसी कारण से खर्च न हो सकने पर यह राशि लैप्स नहीं होगी। इसके रख-रखाव की और प्रशासकीय जिम्मेदारी मानव संसाधन विकास मंत्रालय की होगी।

हालांकि, किसी भी वित्तीय वर्ष में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग और उच्च शिक्षा विभाग की जारी योजनाओं पर होने वाले खर्च को शुरुआत में बजटीय मदद से वहन किया जाएगा। बजटीय आवंटन के खत्म हो जाने के बाद ही MUSK से इन योजनाओं को मदद मिल सकेगी।

……………………………………………………………………..

4) हाथियों (Elephants) की संख्या ज्ञात करने के लिए भारत में संचालित पहले समन्वय-आधारित अखिल-भारतीय हाथी जनसंख्या अनुमानन (First-ever synchronised all-India Elephant Population Estimation) की प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार देश में हाथियों की कुल संख्या 27,312 है। इस रिपोर्ट के अनुसार किस राज्य में सर्वाधिक हाथी हैं? – कर्नाटक (Karnataka)

विस्तार: पर्यावरण मंत्रालय ने हाथियों की संख्या ज्ञात करने के लिए भारत में संचालित पहले समन्वय-आधारित अखिल-भारतीय हाथी जनसंख्या अनुमानन (First-ever synchronised all-India Elephant Population Estimation) की प्राथमिक रिपोर्ट (Preliminary Report) 12 अगस्त 2017 को जारी की। इसके अनुसार देश में हाथियों की कुल जनसंख्या 27,312 है। वहीं रिपोर्ट के अनुसार 6,049 हाथियों के साथ कर्नाटक (Karnataka) देश में सर्वाधिक हाथी जनसंख्या वाला राज्य है। इसके बाद क्रमश: असम (5,719 हाथी) और केरल (3,054 हाथी) का स्थान है।

हालांकि यह संख्या वर्ष 2012 में किए गए ऐसे पिछले अनुमान से कम है जिसमें हाथियों की कुल संख्या 29,391 और 30,711 के बीच आई थी। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार इस दो रिपोर्टों की आपस में तुलना नहीं की जा सकती है। क्योंकि 2012 की रिपोर्ट में सब राज्यों ने अपनी अलग-अलग तरीकों (methodologies) से हाथियों की संख्या का अनुमान लगाया था तथा राज्यों में कोई तालमेल भी नहीं था।

उल्लेखनीय है कि इस वर्ष की इस रिपोर्ट में जारी प्राथमिक परिणाम हाथियों को भौतिक रूप से देखकर गिनने की विधि पर आधारित हैं जबकि तीन माह बाद इस संख्या की पुष्टि के लिए हाथियों के मल को गिनने की विधि (dung-count method) का इस्तेमाल किया जायेगा।

……………………………………………………………………..

5) इकोनॉमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट (Economist Intelligence Unit) द्वारा प्रतिवर्ष प्रकाशित ग्लोबल लिबेबिलिटी रिपोर्ट (Global Liveability Report) के वर्ष 2017 संस्करण में कौन सा शहर पहला स्थान हासिल कर दुनिया में रहने के लिए सर्वेश्रेष्ठ शहर (World’s most liveable city) का खिताब लगातार सातवें साल पाने में सफल हुआ है? – मेलबर्न (Melbourne)

विस्तार: ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया प्रांत का प्रमुख शहर मेलबर्न (Melbourne) एक बार फिर इकोनॉमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट द्वारा प्रतिवर्ष प्रकाशित ग्लोबल लिबेबिलिटी रिपोर्ट (Global Liveability Report) में शीर्ष स्थान पाने में सफल हुआ है। दुनिया में रहने के लिए सबसे उपयुक्त शहरों की इस वैश्विक सूची में मेलबर्न अधिकतम 100 अंकों में 97.5 अंक हासिल कर लगातार सातवीं बार प्रथम स्थान पर रहा है।

17 अगस्त 2017 को प्रकाशित वर्ष 2017 की इस सूची में मेलबर्न ने ऑस्ट्रिया के वियना – Vienna (97.4 अंक) को बहुत नजदीकी अंतर से पीछे छोड़ा है। वहीं पिछले साल की सूची की भांति कनाडा के तीन शहरों वैंकूवर – Vancouver (97.3 अंक), टोरंटो (Toronto) और केलगरी (Calgary) ने क्रमश: तीसरा, चौथा और पाँचवां स्थान हासिल किया है। ऑस्ट्रेलिया का एक और शहर एडीलेड (Adelaide) पांचवें स्थान के लिए कैलगरी के साथ टाई पर रहा है।

वहीं युद्धग्रस्त सीरिया की राजधानी दमिश्क (Damascus) मात्र 30.2 अंक हासिल कर रहने के लिए दुनिया का सबसे खराब शहर रहा। इसके बाद नाइजीरिया का लागोस (Lagos), लीबिया का त्रिपोली (Tripoli), बांग्लादेश का ढाका (Dhaka) और पापा न्यू गीनी के पोर्ट मोरेसबी शहर का स्थान रहा।

ग्लोबल लिबेबिलिटी रिपोर्ट में प्रत्येक शहर को तीस विभिन्न मापदण्डों जैसे स्थायित्व, स्वास्थ्य सेवाएं, संस्कृति व पर्यावरण, शिक्षा सुविधाओं तथा मूलभूत संरचना के आधार पर अंक प्रदान किए जाते हैं।

……………………………………………………………………..

 

http://churugurukul.com/?q=current-affairs-11-16-aug-2017