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Current Affairs 23 - 24 April 2017

1) नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल (NITI Aayog’s Governing Council) की कौन सी बैठक 23 अप्रैल 2017 को नई दिल्ली में आयोजित हुई जिसमें देश के आर्थिक विकास को तेज गति देने के लिए एक “15-वर्षीय विज़न दस्तावेज” के पूर्ववर्ती स्वरूप को जारी किया गया? – तीसरी

विस्तार:  नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की तीसरी बैठक का आयोजन 23 अप्रैल 2017 को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ने की जो नीति आयोग के पदेन अध्यक्ष हैं। बैठक में देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए सिवाय पश्चिम बंगाल और दिल्ली के मुख्यमंत्रियों के।

 इस बैठक में नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविन्द पानगढ़िया (Arvind Panagariya) ने देश के त्वरित विकास को दिशा देने के लिए एक विस्तृत रोडमैप जारी किया गया। उनके द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पंचवर्षीय योजनाओं को समाप्त करने के बाद राजग (NDA) सरकार देश के विकास का जो “15-वर्षीय विज़न दस्तावेज” तैयार किया जा रहा है उसमें एक महत्वपूर्ण लक्ष्य वर्ष 2031-32 तक देश का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) को बढ़ाकर 469 लाख करोड़ रुपए करना है।

 उल्लेखनीय है कि नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की पहली बैठक का आयोजन 8 फरवरी 2015 को हुआ था जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने नीति आयोग के महत्वपूर्ण लक्ष्यों से पर्दा हटाया था तथा केन्द्र-राज्य सहयोग को बढ़ाने के लिए एक खाका पेश किया था।

 वहीं परिषद की दूसरी बैठक का आयोजन 15 जुलाई 2015 को हुआ था जिसमें नीति आयोग के तहत गठित मुख्यमंत्रियों के तीन उप-समूहों (sub-groups) तथा दो कार्यबलों (task-forces) की प्रगति की समीक्षा की गई थी।

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2) वित्तीय वर्ष 2017-18 में सार्वजनिक क्षेत्र के किस उपक्रम में केन्द्र सरकार ने अपनी हिस्सेदारी का विनिवेश (Disinvestment) अप्रैल 2017 के दौरान किया जिससे यह इस वित्तीय वर्ष में विनिवेशित होने वाला पहला सार्वजनिक उपक्रम बन गया? – नेशनल एल्यूमीनियम कम्पनी लिमिटेड (नाल्को)

विस्तार: नेशनल एल्यूमीनियम कम्पनी लिमिटेड (नाल्को – NALCO) वर्ष 2017-18 में विनिवेशित किया जाने वाला देश का पहला सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम (PSU) बन गया है। इस उपक्रम में 19 और 20 अप्रैल 2017 को केन्द्र सरकार की 9.2% हिस्से का विनिवेश किया गया जिसके द्वारा केन्द्र सरकार को लगभग 1,200 करोड़ रुपए हासिल हुए। इस विनिवेश में खुदरा (retail) तथा संस्थागत (institutional) दोनों प्रकार के निवेशकों ने हिस्सेदारी खरीदी।

 उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार ने वर्ष 2017-18 के दौरान माइनॉरिटी हिस्सेदारी बिक्री (minority stake sale) से 46,500 करोड़ रुपए तथा रणनीतिक विनिवेश (strategic disinvestment) के द्वारा 15,000 करोड़ रुपए का विनिवेश सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठानों में करने का लक्ष्य तैयार किया है। वहीं 2016-17 के दौरान केन्द्र सरकार ने विनिवेश के द्वारा 46,247 करोड़ रुपए हासिल किए थे।

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3) भारत के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने अप्रैल 2017 में दिए अपने आदेश में पति से अलग हो चुकी महिला के गुजारा-भत्ते के लिए कितनी राशि को “सही एवं न्यायचित” निर्वाह-राशि (Alimony) करार दिया है? – शुद्ध वेतन का 25%

विस्तार: अपने एक महत्वपूर्ण आदेश में सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि उसके अनुसार पति से अलग हो चुकी महिला के गुजारा-भत्ते (maintenance) के लिए पति के शुद्ध वेतन का 25% “सही एवं न्यायचित” निर्वाह-राशि (Alimony) है।

 यह आदेश न्यायमूर्ति आर. भानुमति और न्यायमूर्ति एम.एम. संतानागौडर की एक पीठ ने पश्चिम बंगाल के एक पुरुष को निर्देशित करते हुए दिया। 95,527 रुपए मासिक वेतन प्राप्त करने वाले इस व्यक्ति को अपनी पूर्व पत्नी तथा पुत्र के भरणपोषण के लिए 20,000 रुपए की राशि गुजारा-भत्ते के रूप में देने का आदेश न्यायालय ने दिया।

 इस व्यक्ति ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ यह याचिका सर्वोच्च न्यायालय में दायर की थी जिसमें उच्च न्यायालय ने उसे 23,000 रुपए प्रति माह गुजारा-भत्ता के रूप में देने को कहा था। हालांकि सर्वोच्च न्यायालय ने उच्च न्यायालय के आदेश को सही माना लेकिन इस व्यक्ति की नई जिम्मेदारियों को देखते हुए गुजारे-भत्ते की राशि 20,000 प्रति माह निश्चित कर दी।

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4) नेपाल (Nepal) की 6 मधेशी पार्टियों ने आगामी मई के दौरान होने वाले स्थानीय चुनावों के लिए 20 अप्रैल 2017 को एक नए संयुक्त गठबंधन दल का गठन किया। इस दल का नाम क्या रखा गया है? – “राष्ट्रीय जनता पार्टी” (‘Rashtirya Janata Party’)

विस्तार: “राष्ट्रीय जनता पार्टी” (‘Rashtirya Janata Party’) नेपाल की 6 मधेशी पार्टियों द्वारा गठित एक नए गठबन्धन दल का नाम है जिसका गठन 20 अप्रैल 2017 को किया गया। इसका गठन करने वाले 6 मधेशी दल हैं – तराई मधेश लोकतांत्रिक पार्टी, सद्भावना पार्टी, राष्ट्रीय मधेश समाजावादी पार्टी, तराई मधेश सद्भावना पार्टी, मधेशी जनाधिकार फोरम – गणतांत्रिक और नेपाल सद्भावना पार्टी।

 उल्लेखनीय है कि मधेशी पार्टियाँ स्वयं को नेपाल के दक्षिण तराई क्षेत्र के लोगों का प्रतिनिधि होने का दावा करती हैं। इस क्षेत्र के अधिकांश निवासी भारतीय मूल के हैं। ये पार्टियाँ 2015 में लागू किए गए देश के संविधान में नागरिकता तथा क्षेत्र निर्धारण में संशोधन की मांग भी लम्बे समय से करती आई हैं।

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