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Current Affairs 25 - 26 July 2016

Yahoo-2016

1) अमेरिका की किस दिग्गज टेलीकॉम कम्पनी ने एक जमाने की मशहूर इंटरनेट कम्पनी याहू (Yahoo) के सर्च तथा विज्ञापन सम्बन्धी संचालन को 4.83 अरब डॉलर के पूर्ण नकद सौदे में खरीदने की घोषणा 25 जुलाई 2016 को की? – वेराइजन (Verizon)

विस्तार: वेराइज़न कॉम्यूनिकेशन्स (Verizon Communications Inc) ने 25 जुलाई 2016 को आधिकारिक तौर पर यह घोषणा कर दी कि वह याहू (Yahoo) के प्रमुख व्यवसाय – सर्च (search) तथा विज्ञापन संचालन (advertising operations) को लगभग 4.83 अरब डॉलर में खरीद लेगी।

 याहू की यह खरीद कीमत डॉट.कॉम (dot.com) दौर के उछाल के समय कम्पनी की आंकी गई 125 अरब डॉलर की हैरान कर देने वाली कीमत के सामने लगभग नगण्य ही मानी जा रही है।

 याहू को वर्ष 1995 में जब अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनीवर्सिटी के दो ग्रेजुएट्स जेरी यांग (Jerry Yang) और डेविड फिलो (David Filo) ने बनाया था तब यह दुनिया भर की बेवसाइट्स की डायरेक्टरी जैसी थी। इसे तेजी से विस्तारित करते हुए इसमें सर्च, ई-मेल, शॉपिंग तथा न्यूज़ को जोड़ा गया। लेकिन बाद में यह ज़्यादा समय तक गूगल और फेसबुक जैसी कम्पनियों का सामना नहीं कर पाई जिसे एक समय वह अधिग्रहित करना चाहती थी।

 याहू इंटरनेट क्षेत्र की एक ज़माने की अगुवा कम्पनी रही है तथा यह सौदा पूरा हो जाने के बाद यह कम्पनी एक प्रकार से इतिहास बन जायेगी। ऐसा इसलिए है क्योंकि वेराइजन संभवत: याहू को खरीदकर इसका विलय AOL व्यवसाय में कर देगी जिसे उसने वर्ष 2015 में ही 4.4 अरब डॉलर में खरीदा था। माना जा रहा है कि वेराइज़न इन अधिग्रहित व्यवसायों को एकीकृत कर एक ऐसा मंच तैयार करना चाहती है जिसके द्वारा वह गूगल (Google) और फेसबुक (Facebook) जैसी कम्पनियों का मुकाबला कर सके।

 इस सौदे के साथ याहू की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मरीसा मायेर (Marissa Mayer) का दौर भी संभवत: समाप्त हो जायेगा। उन्होंने पिछले 4 सालों में याहू को अलग पहचान देने की पुरजोर कोशिश की थी।

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Solar-Impulse-2016

2) सोलर इमपल्स 2 (Solar Impulse 2) पृथ्वी का पूरा चक्कर सफलतापूर्वक लगाने वाला दुनिया का पहला सोलर-संचालित विमान (solar-powered aircraft) बन गया जब अपनी ऐतिहासिक यात्रा को इसने 25 जुलाई 2016 को पूरा किया। विमान ने यह यात्रा किस स्थान पर पूरी की जहाँ से 9 मार्च 2015 को इसने यात्रा शुरू की थी? – आबू धाबी (Abu Dhabi)

विस्तार: इतिहास रचने का इरादा लिए सौर-ऊर्जा से संचालित यह विमान 9 मार्च 2015 को आबू धाबी (Abu Dhabi) से रवाना किया गया था। 17 चरणों की इस यात्रा के तहत सोलर इम्पल्स 2 को चार महाद्वीपों, दो महासागरों तथा तीन सागरों को पार करना था ताकि पृथ्वी का एक पूरा चक्कर लगाया जा सके। अंतिम चरण काहिरा (मिस्र) और आबू धाबी (यूएई) के बीच था।

 इस ऐतिहासिक यात्रा में सोलर इमपल्स 2 को दो पायलटों द्वारा बारी-बारी चलाया गया। ये दो पायलट हैं – बर्टरेण्ड पिकार्ड (Bertrand Piccard) और आन्द्रे बोर्शबर्ग (Andre Borschberg)। पिकार्ड ने यात्रा के अंतिम चरण के दौरान इस विमान को उड़ाया तथा इसके गंतव्य आबू धाबी में उतारा।

 उल्लेखनीय है कि यह विमान एक आम कार से अधिक भारी नही है लेकिन इसके पंखों का फैलाव एक बोइंग 747 विमान की बराबरी करता है। इन्हीं विशाल पंखों में विमान को ऊर्जा प्रदान करने वाले लगभग 17,000 सोलर-सेल लगाए गए हैं।

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3) भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने काले धन को सफेद करने से रोकने (antimoney laundering) के लिए उठाए जाने वाले कदमों में तत्परता न दिखाने के आरोप में सार्वजनिक क्षेत्र के किस बैंक पर 25 जुलाई 2016 को 5 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाने की घोषणा की? – बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB)

विस्तार: RBI ने 25 जुलाई 2016 को बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) पर 5 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाने की घोषणा की। यह जुर्माना बैंक द्वारा काले धन को सफेद करने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए तय दिशानिर्देशों के अनुपालन में लापरवाही दिखाने के चलते लगाया गया है।

 BoB पर लगाए गए आरोपों में कहा गया है कि बैंक ने इस सम्बन्ध में अपनी आंतरिक नियंत्रण प्रणाली (internal control mechanism) में तमाम कमियाँ प्रदर्शित कीं, ऐसे लेन-देन पर पर्याप्त निगरानी नहीं रखी, लेन-देन में व्याप्त धोखाधड़ी को देखते हुए वित्तीय खुफिया इकाई (Financial Intelligence Unit – FIU) को रिपोर्ट करने में देरी की तथा अपने ग्राहकों की समुचित पड़ताल नहीं की।

 उल्लेखनीय है कि बैंक ऑफ बड़ौदा पिछले साल उस समय सुर्खियों में आया था जब उस पर आरोप लगा था कि उसकी तमाम शाखाओं से लगभग 6,000 करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा (foreign exchnage) का हस्तांतरण (transfer) अवैध तरीकों से किया गया है तथा बैंक प्रबन्धन ने ऐसे लेन-देनों के समय पर्याप्त सावधानी नहीं बरती।

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China-AG600-2016

4) चीन (China) ने जमीन और पानी दोनों से संचालित किए जा सकने वाले (amphibious) दुनिया के सबसे बड़े विमानों में एक पर से पर्दा 23 जुलाई 2016 को हटाया। इस विमान को क्या नाम दिया गया है? – एजी600 (AG600)

विस्तार: उल्लेखनीय है कि चीन इस महात्वाकांक्षी विमान करने की परियोजना में पिछले 7 सालों से लगा हुआ था। ऊपर से विमान तथा नीचे से एक बड़ी नौका जैसा दिखने वाले इस विमान AG600 पर से चीन ने 23 जुलाई 2016 को पर्दा उठाया जब उसने इसका पहला प्रदर्शन दक्षिण गुआंगडोंग प्रांत के झुहाई (Zhuhai) में किया।

 इस बेहद क्षमतावान विमान का विकास चीन की सार्वजनिक विमान निर्माण कम्पनी Aviation Industry Corporation of China (AVIC) ने किया है। यह विमान 53 भार टन सामान को लादकर उड़ सकता है जबकि मात्र 20 सेकेण्ड में 12 टन जल उठा सकता है।

 अब इस विमान का परीक्षण शुरू किया जायेगा। इसकी निर्माता कम्पनी का दावा है कि यह विमान एक बार में 4,500 किमी. की यात्रा कर सकता है। इसका अर्थ हुआ कि यह दक्षिण चीन सागर क्षेत्र में कुछ विवादित द्वीपों पर चीन के दावे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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5) गंगा नदी के जल में जमा कचड़े तथा अन्य पादर्थों को निकाल कर इसे स्वच्छ करने (Desiltation) की महात्वाकांक्षी योजना के लिए रूपरेखा तय करने के लिए केन्द्र सरकार ने जुलाई 2016 के दौरान एक समिति का गठन किया। इस समिति की अध्यक्षता किसे सौंपी गई है? – माधव चिताले (Madhav Chitale)

विस्तार: माधव चिताले (Madhav Chitale), जो राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण (National Ganga River Basin Authority) के सदस्य हैं, को केन्द्र सरकार ने उस महत्वपूर्ण समिति का अध्यक्ष बनाया है जो गंगा नदी को स्वच्छ करने की योजना के तहत नदी जल में जमा कचड़े तथा अन्य पादर्थों को निकालने के वृहद कार्य के लिए दिशानिर्देश तय करने के लिए गठित की गई है।

 उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार की योजना है कि उत्तराखण्ड के भीमगौड़ा (Bhimgauda) से शुरू करने हुए इस अभियान को पश्चिम बंगाल के फरक्का (Farakka) तक क्रियान्वित किया जाए।

 उक्त समिति मुख्यत: Desiltation तथा बालू के खनन की गतिविधि में व्याप्त अंतर को परिभाषित करेगी। इसके अलावा गंगा में जमा कचड़े तथा अन्य पादर्थों को निकालने की आवश्यकता तथा इसके पर्यावरणीय प्रभाव पर भी अपनी सिफारिश प्रस्तुत करेगी।

 समिति को 3 माह के भीतर अपनी रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है।

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