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Current Affairs 27 - 30 March 2017

1) भारत ने ऊर्जा के क्षेत्र (power sector) में कौन सी बड़ी उपलब्धि अप्रैल 2016 से फरवरी 2017 की समयावधि के दौरान हासिल की, जिसके बारे में केन्द्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने 29 मार्च 2017 को घोषणा की? – भारत पहली बार विद्युत (electricity) का शुद्ध निर्यातक देश बना

विस्तार: भारत ने मौजूदा वित्तीय वर्ष (2016-17) की अप्रैल 2016 से फरवरी 2017 की समयावधि के दौरान विद्युत का शुद्ध निर्यातक (net exporter of electricity) देश बनकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। उल्लेखनीय है कि भारत अभी तक विद्युत के क्षेत्र में शुद्ध आयातक (net importer of electricity) देश था तथा उसे शुद्ध निर्यातक देश की उपलब्धि पहली बार ही हासिल हुई है।

 इस सम्बन्ध में केन्द्रीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा 29 मार्च 2017 को जारी आंकड़ों के अनुसार उक्त समयावधि के दौरान भारत ने नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार को 5,798 मिलियन विद्युत इकाइयों का निर्यात किया है जबकि समान समयावधि के दौरान भूटान से भारत को 5,585 मिलियन विद्युत इकाई आयात के रूप में प्राप्त हुई हैं। इस प्रकार उक्त समयावधि में भारत का शुद्ध निर्यात 213 मिलियन इकाई रहा।

 उल्लेखनीय तथ्य है कि पिछले तीन वर्षों के दौरान नेपाल और बांग्लादेश को भारत से होने वाले विद्युत निर्यात में क्रमश: 2.5 और 2.8 गुना की वृद्धि हुई है। 80 के दशक के मध्य से जब भारत का उसके पड़ोसी देशों से विद्युत व्यापार शुरू हुआ था, भारत जहाँ भूटान (Bhutan) से बिजली का आयात कर रहा है वहीं बिहार और उत्तर प्रदेश के रास्ते नेपाल (Nepal) को विद्युत निर्यात कर रहा है। लेकिन अब भारत ने बांग्लादेश (Bangladesh) और म्यांमार (Myanmar) को विद्युत निर्यात में तेजी दिखाई है और पहली बार शुद्ध निर्यातक देश बनकर उभरा है।

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2) 29 मार्च 2017 को दिए अपने दूरगामी प्रभाव वाले निर्णय में भारत के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने किस श्रेणी के वाहनों की बिक्री तथा पंजीकरण पर 1 अप्रैल 2017 से प्रतिबन्ध लगा दिया? – बीएस-तीन (BS-III) का अनुपालन करने वाले वाहन

विस्तार: दूरगामी प्रभाव वाले अपने आदेश में सर्वोच्च न्यायालय ने 29 मार्च 2017 को भारत स्टेज 3 (BS-III) उत्सर्जन मानक का अनुपालन करने वाले सभी वाहनों की बिक्री तथा पंजीकरण पर 1 अप्रैल 2017 से प्रतिबन्ध लगा दिया। उल्लेखनीय है कि 1 अप्रैल से भारत-भर में वाहनों के उत्सर्जन का अगली पीढ़ी का मानक – भारत स्टेज 4 (BS-IV) लागू हो जायेगा।

 सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आदेश के परिप्रेक्ष्य में कहा कि देश के ऑटोमोबाइल उद्योग के हितों से कहीं अधिक महत्वपूर्ण देशवासियों के स्वास्थ्य हितों की रक्षा करना है।

 उल्लेखनीय है कि ऑटोमोबाइल कम्पनियों ने सर्वोच्च न्यायालय में यह गुहार लगाई थी कि बीएस-तीन उत्सर्जन मानक का अनुपालन करने वाले वाहनों की बिक्री पर प्रतिबन्ध न लगाया जाय भले उत्पादन पर प्रतिबन्ध लगा दिया जाय, क्योंकि उनके पास ऐसे 8.2 लाख वाहन स्टॉक में हैं तथा इनपर प्रतिबन्ध लगाए जाने से उद्योग को बहुत भारी नुकसान होगा।

 उल्लेखनीय है कि देश में बीएस तीन मानक सर्वप्रथम अप्रैल 2005 में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) और 13 बड़े शहरों में लागू किया गया था जबकि पूरे देश में इसे अप्रैल 2010 में लागू कर दिया गया था। वहीं बीएस चार मानक सर्वप्रथम अप्रैल 2016 में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और 13 बड़े शहरों में लागू किया गया था जबकि पूरे देश में इसे 1 अप्रैल 2017 से लागू किया जा रहा है।

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3) सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने एक ऑनलाइन फिल्म प्रमाणन प्रणाली (online film certification system) का आरंभ 27 मार्च 2017 को किया जिसके चलते केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के फिल्म प्रमाणन सम्बन्धी कार्य कागज-रहित (paperless) होने के साथ-साथ अधिक पारदर्शी (transparent) हो जाने की आशा भी व्यक्त की जा रही है। इस प्रणाली का नाम क्या रखा गया है? – ई-सिनेप्रमाण (E-Cinepramaan)

विस्तार: “ई-सिनेप्रमाण” (E-Cinepramaan) नामक ऑनलाइन फिल्म प्रमाणन प्रणाली का शुभारंभ केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री वैंकैय्या नायडू (Venkaiah Naidu) ने 27 मार्च 2017 को किया। इन ऑनलाइन प्रमाणन प्रणाली के शुरू हो जाने से न सिर्फ केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (Central Board for Film Certification – CBFC) के प्रमाणन सम्बन्धी कार्यकलापों को अधिकाधिक पारदर्शी बनाया जा सकेगा बल्कि इससे कई विवादों से बचने में भी मदद मिलने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

 ई-सिनेप्रमाण प्रणाली के द्वारा फिल्म निर्माताओं को अपने आवेदन यानि फिल्म प्रमाणन की स्थिति की पूरी जानकारी ऑनलाइन तो मिलेगी ही साथ ही कोई बदलाव करने या कोई अन्य कदम उठाने के बारे में SMS संदेश तथा ई-मेल भी प्राप्त होंगी। इससे फिल्म प्रमाणन में लगने वाले समय को कम करने की संभावना भी व्यक्त की गई है। उल्लेखनीय है कि CBFC हाल-फिलहाल में अपने तमाम विवादास्पद फैसलों को लेकर खासा चर्चा में रहा है।

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4) भारत के किस बैंकर का नाम अमेरिका की वित्तीय पत्रिका बैरन्स (Barron’s) द्वारा मार्च 2017 के दौरान प्रकाशित विश्व के 30 सर्वेश्रेष्ठ सीईओज़ की सूची में शामिल की गई है? – आदित्य पुरी

विस्तार: निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) के प्रबन्ध निदेशक (MD) आदित्य पुरी (Aditya Puri) का नाम अमेरिका की सुप्रसिद्ध वित्तीय पत्रिका बैरन्स (Barron’s) द्वारा प्रकाशित विश्व के 30 सर्वेश्रेष्ठ सीईओज़ (World’s 30 Best CEOs’) की सूची में शामिल की गई है।

 इस पत्रिका में आदित्य पुरी के बारे में लिखा गया है कि उन्होंने अपने बैंक को एक स्टार्ट-अप उपक्रम से दुनिया के कुछ सर्वश्रेष्ठ बैंकों में शामिल कराने में अहम भूमिका निभाई है। उनके नेतृत्व में HDFC बैंक ने शानदार लाभ अर्जित करके दिखाया है जबकि दूसरी ओर उसने ऋण प्रदान करने में उच्च मानकों की स्थापना की है और कॉरपोरेट ऋण से खुदरा वर्ग में अपना विस्तार सफलतापूर्वक किया है।

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5) मार्च 2017 के दौरान किस देश के वैज्ञानिकों ने वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत के रूप में हाइड्रोजन-आधारित ईंधन को तैयार करने के लिए एक ऐसे उपकरण पर प्रयोग शुरू किए जिसे दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा ‘कृत्रिम सूर्य’ (world’s largest ‘artificial sun’) बताया जा रहा है? – जर्मनी (Germany)

विस्तार: जर्मनी (Germany) के वैज्ञानिकों ने मार्च 2017 के दौरान वैकल्पिक ऊर्जा (alternative fuel) को तैयार करने के लिए अनूठा प्रयोग शुरू किया जिसमें एक ऐसे उपकरण का प्रयोग किया जा रहा है जिसे दुनिया में विकसित अब तक का सबसे बड़ा कृत्रिम सूर्य बताया जा रहा है। इस कृत्रिम सूर्य को “सिनलाइट” (‘Synlight’) नाम दिया गया है तथा इसका इस्तेमाल कर वैज्ञानिक एक ऐसे हाइड्रोजन-आधारित वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत को तैयार करना चाहते हैं जो पूर्णतया उत्सर्जन मुक्त होगा।

 इस “कृत्रिम सूर्य” को तैयार करने के लिए 149 अत्यंत शक्तिशाली शॉर्ट-आर्क लैम्प्स का इस्तेमाल किया जा रहा है जो सूर्य के मुकाबले 10,000 गुना अधिक प्रकाश उत्पन्न करने में सक्षम हैं। यह कृत्रिम सूर्य उपकरण जर्मनी (Germany) के कोलोन (Cologne) शहर के पास जुलिच (Juelich) स्थित जर्मन एयरोस्पेस सेंटर (German Aerospace Center) में विकसित व स्थापित किया गया है।

 वैज्ञानिकों के अनुसार इस अनूठे प्रयोग का मुख्य उद्देश्य हाइड्रोजन जैसे सौर-ऊर्जा आधारित ऊर्जा स्रोतों का विकास करना है जिनकी मदद से अपनी तमाम ऊर्जा सम्बन्धी आवश्यकताओं के लिए भविष्य में गैर परंपरागत ऊर्जा स्रोतों पर आधारित हुआ जा सके।

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6) किस राज्य ने वर्ष 2017 का संतोष ट्रॉफी (Santosh Trophy) खिताब 26 मार्च 2017 को जीत लिया? – पश्चिम बंगाल (West Bengal)

विस्तार: पश्चिम बंगाल (West Bengal) ने 26 मार्च 2017 को फाइनल में मेजबान गोवा (Goa) को 1-0 से पराजित कर वर्ष 2017 का संतोष ट्रॉफी (Santosh Trophy) खिताब जीत लिया। यह पश्चिम बंगाल का 32वां संतोष ट्रॉफी खिताब है। मैच का एकमात्र गोल बंगाल के मनवीर सिंह (Manvir Singh) ने मैच के 119वें मिनट में किया। इस खिताबी जीत के साथ बंगाल की टीम ने 6 साल का सूखा भी समाप्त कर दिया। उसने अपना अंतिम खिताब वर्ष 2011 में जीता था। वहीं गोवा ने यह खिताब अंतिम बार वर्ष 2009 में जीता था।

 इस बार के संतोष ट्रॉफी टूर्नामेण्ट का आयोजन गोवा ने किया था लेकिन अपने समर्थकों के बीच में खेलते हुए भी गोवा की टीम अतिरिक्त समय के बाद अपनी लय कायम नहीं रख सकी तथा पश्चिम बंगाल ने बिल्कुल अंतिम मिनट में गोल कर गोवा को झटका दिया।

 उल्लेखनीय है कि संतोष ट्रॉफी भारत की सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता है तथा इसका आयोजन वर्ष 1941 में शुरू किया गया था। बंगाल इस खिताब को 32 बार जीतकर सबसे सफल टीम है।

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http://churugurukul.com/current-affairs-25-26-march-2017